Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मैं अपना जीवन भारत माँ पे अर्पित कर दूँ। हे बलिदानी लोग जहाँ के मैं अपना सारा जीवन वहां समर्पित कर दूँ। हौसले होते है स्वपनों से ऊँच read more >>
अपराजिता घड़ी की अलार्म से हड़बड़ा कर उठती देखती 7:00 बज गई वह कहती मैं इतने देर तक सोते रही रात में मेरा बेटा संजय ने मेरी पैर की मालिश कर read more >>
हमारे प्यार में आखिरकार ठगी तो होनी ही थी, तुमने अपने माँ - बाप को ठगा था , मैनें अपने. read more >>
वो ग्रह जिस पर हमने अपने ख्वावों का घर बसाया था, उस पर भी कब्जें की होड़ शुरू हो गयी हैं. read more >>
वो एक्टर जो दूसरों को नसीहतें देता था, एक दिन उसे भी पान-मसाले का एड मिल गया. read more >>
वो एक्टर जो दूसरों को नसीहतें देता था, एक दिन उसे भी पान-मसाले का एड मिल गया. read more >>
कविता "अद्भुत सावन" सावन मास बड़ा निराला। हां पल पल में घटाएं छाती।। थे बिन पानी मुरझाए चेहरे। कब धरती भी read more >>
गंग की धारा। सर्व अघ हारा।। शिव शीश सोहे। जगत जन मोहे।। पावनी गंगा। करे तन चंगा।। नदी वरदानी। सरित-पटरानी।। तट पे बसे हैं। तीरथ स� read more >>
(बाल कविता) म्याऊँ म्याऊँ के दे बोल। आँखें करके गोल मटोल।। बिल्ली रानी है बेहाल। चूहे की बन काल कराल।। घुमा घुमा कर अपनी पूँछ। ऊपर न read more >>
किसी से, दिल लगा। रह गया, मैं ठगा।। हृदय में, खिल गयी। कोंपली, इक नयी।। मिला जब, मनमीत। जगी है, यह प्रीत।। आ गया, बदलाव। उत्तंग, है चाव।। read more >>
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐बुढ़ापे की नजदीकियाँ*💐💐 ***प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह**** निगम साहब पिछले बीस मिनट से पूरे घर में हड� read more >>
आज जो हमे बेकार समझ रहे है कल बही लोग मेरी काबिलियत पर ताली मार कर मेरी पहचान बताएंगे। read more >>
इज्जत को भी पैसे के जैसा तरबियत दो शाहब,क्योंकि इज्जत और पैसा दोनो को कमाया जाता है खरीदा नही जाता। read more >>
सब के मन में स्वार्थ भरा हुआ है अब मोहब्बत मिल भी जाए तो वफा कौन करेगा। read more >>
अब कोई किसी का दोस्त नही रहा क्योंकि उन्हें मेरी चाहतों से ज्यादा मेरी जरूरत से मोहब्बत हो गई है। read more >>
तुम तो बहुत खुशी मना रहे थे अचानक तुम्हारी खुशी पर पैबंद क्यों लग गया जीना नहीं चाहते या मौत की डर सता रही है। read more >>
जो दोस्त तुम्हें पहचान ने से भी इंकार कर रहे है कल बही दोस्त तुम्हारे काबिलियत को देख कर तुम्हारे नाम से अपनी पहचान बताएंगे।। read more >>
क्यों मोहब्बत खत्म कर के जहन्नुमी बनना चाहते हो,क्योंकि मोहब्बत के बिना जन्नत भी हासिल नहीं होती है। read more >>
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 *💐💐राजा भोज और सत्य💐💐* प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह एक दिन राजा भोज गहरी निद्रा में सोये हुए थे। उन्ह� read more >>
कविता -मेहदी का रंग मेहंदी का रंग अपनों के संग लाती है अपनों में प्रेम का अनुबंध, खुद पिसती है घिसती है पत्थरों के बीच और महका जात� read more >>
कविता -दिशा कहां जा रहे हो? न ठौर न ठिकाना चले जा रहे हो कहां पर? बताना मंजिल कहां है? कहां पर है जाना? दिशा वह कौन है? किधर हो रवाना? पथि� read more >>
गर्मी की छुट्टी खत्म हो गई थी बच्चे सब स्कूल जाने लगे थें ।पुष्पा भी अपनी बेटी रिया को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही थी पर रिया जो मात्र 4 read more >>
ओ बीते दिनों की बातें मुझे रुलाती है बार - बार जाने कितना सताती है बार - बार भूल कर भूला न पाती हूं बार - बार एक बात दिल में रह - रहकर आती है read more >>
मैं शहर में आके भूल न पाया गांव की वो कच्ची गलियां जो हल्की बारिश होने पर फिसलन से भर जाती थीं जो तेज धूप में जल के नन्हें पांव जलाती� read more >>
Join Us: