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अपनी दुखी किसी मत बताओ साहब कोई नही है जो तुम्हें सब्र देगा।क्योंकि तुम्हारी खुशी से ज्यादा तुम्हारी परेशानी लोगों को पसंद है। read more >>
टीचर एक स्टूडेंट के जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है शिक्षा की।जो स्टूडेंट के जीवन को सोने के जैसा रूप देती है। read more >>
इबरत हासिल करने के लिए खुदा ने कुरान लिख दी।लेकिन इंसान कुरान को अलमारी में बन्द कर के दुनिया बालों में इबरत ढूंढते है। read more >>
पूरी दुनिया की मोहब्बत एक तरफ और माँ की मोहब्बत एक तरफ कर दिया जाए तो 99% मोहब्बत की हकदार सिर्फ माँ ही होगी। read more >>
जिस मोहब्बत की तुम्हें तलाश है वो मोहब्बत सिर्फ तुम्हें माँ के पास ही मिलेगी जिसकी वफा पत्थर के लकीर से खुदा ने खुद लिखा है। read more >>
माँ के वजूद से ही तुम्हारा वजूद पैदा हुआ है। लेकिन बही माँ तुम्हारी सादी होने के बाद तुम्हें बोझ लगने लगती है। read more >>
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़त-उल-माैत सोंचा तुम्हें याद दिला दूं तुम्हारी अकड़ कम हो जायेगी। read more >>
तुम अपना हक तुम खुद ही हासिल करो कोई तुम्हें देना नही चाहेगा।क्योंकि यहां बिना मांगें लोग फकीर को पैसा नही देते है तो तुम्हारी हक तु� read more >>
जमीन से आसमा तक सिर्फ तुम्हें खुदा ही पहुंचा सकता है।लेकिन लोग तुम्हें नीचे से उपर नही डायरेक्ट उपर भेज देंगे। read more >>
मुफ्त मिली हुई हर चीज तुम्हें सिर्फ दर्द देगी लेकिन खुशी नही जिसे मोहब्बत कहते है। read more >>
लड़का:- उफ़्फ़ क्या दिलकश नज़ारा हैं कितना प्यारा अच्छा लगता है बरसात के बूंदें हल्का - हल्का हल्का - हल्का धूप उफ़् read more >>
बाल कविता "सुबह सवेरे" हुआ सवेरा चुन्नू मुन्नू मोना को जगाते हैं बंद पड़ा है दरवाजा घर की घंटी बजाते हैं ll सुनकर घर की घंटी � read more >>
अक्सर इक सवाल ज़ेहन को सताता है इक ज़ख़्म भरते ही दूजा क्यों मिल जाता है राहत मिलती है उन के छुने से मुझे चारागरों का कोई इलाज़ काम नह� read more >>
रामदयाल बहुत गरीब था वह एक मजदूर था , मजदूरी कर अपना परिवार चलाता था।तेज धूप हो या बारिश वह कभी अपने काम से जी नहीं चुराता था ।उसके परिव read more >>
ज्ञान अनमोल खजाना है बांट सका है कौन इसे ? न भाई बंधु जमाना है अनमोल रतन है हर रत्नों में पर इसको नहीं छुपाना है ज्ञान की ज्योति जले घ� read more >>
ढलती शाम...शीर्षक कौतुहल से दूर ढलती संध्या , समेटती प्रकृती अपने करतलों को...! घर जातीं गाय धूल उडा़ती , बछडो़ को पाने सुख रभांती ..! आसम� read more >>
तुम्हारे हिस्से की वह हरी,पीली, लाल, काली,चूड़ियों के वे टुकडे़ आज भी रखे है ...! तुम्हारे लिए... जिनके लिए तुम लड़जाया करती थीं, अपने तेज read more >>
विस्तार... कहीं किसी रोज उस किनारे के उस पार वजती है सुमधुर ध्वनि, र्कणप्रिय लिए विस्तार करती मन के संताप दूर शनै शनै...! जब भी उठती ह्द� read more >>
यहां ज्यादा की जरूरत नहीं थोड़े में गुजारा होता है। जहां ज्यादा मिले वहां सब बिखरा हुआ होता है। ** *** ** *** ** *** कौन बटोरेगा वो बिखरा ह� read more >>
Technology की देन तुम थे वरना इस भीड़ में, एक दूसरे से परे इस दुनिया में, शायद ही कभी हम टकराते, हाँ शायद टकराते भी, पर रुक कर आँखों से आंखें शा� read more >>
जो ख़ुदा को रखते हैं दिल के हुज़रे में वो परिंदों को क़ैद नहीं करते पिंजरे में - त्रिशिका श्रीवास्तव धरा' कानपुर (उ.प्र) read more >>
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐मुसीबत का सामना💐💐*👇👇प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर...... करण सिंह* जंगली भैंसों का एक झुण्ड जंगल में घूम रहा था , read more >>
क्या? लिखूं कि ये शाम गुजर जाये,। सोचती ,हूँ, आंख ही बंद ,कर ,लूं, और ,ये ,हालात सुधर जाये,। बहुत,निहारा ,चाँद ,एक,। मजाल ,कि ,ये याद ,मिट ,जाये,� read more >>
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐सास और बहू💐💐* 👇👇👇 प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह* अरे मधु ... वट सावित्री के व्रत के दिन भी तूने में� read more >>
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