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दोस्त जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना….सच्चा दोस्त- दोस्त ही होता हैं.दो दोस्त रोहित और दिव्य आपस में १०वी कक्षा तक कब पहुँच गए प� read more >>
"पसन्द किया उसने मुझे" कोशिश भी कि, मुझे कोई पहचान मिले लेकिन ,"वो हार गई " क्योकि ,उसकी ऊमीद से मेरी मेहनत कम थी ! read more >>
बडे ,असान से शब्दों मे ' उसने कहा - "जरा पास तो बेठौ " ओर "आज कल "क्या करते हो ? फिर "एक टक निगाहो से देखने लगी मुझे " ओर सन्नाट� read more >>
छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते को ना छोड़ो अगर रिश्ता धोखेबाज फरेबी हो तो उसके फरेब से बचे उसका विरोध करो लेकिन रिश्ते के जीवन को खत्म ना कर� read more >>
कुदरत पनपता है हम सभी के बीच कभी मीरा बनकर तो कभी सरहद का शहीद उसके महक का पता होता है कुदरत को हर पल भूल जाए जमाना चाहे उसे कहानी समझ कर � read more >>
खुद ,से नजर झुका के आईन से मत ,पुछ - के खूबसूरत है ! क्या तू ..... कह ,दे 'अपने दिल से अपने' , के 'कोई तू भी,' अपना मुकाम बना ले । फिर खुद जमाना कहे � read more >>
हब्शी है यह दुनिया सारी मां का दिल यह हर रोज कहता जब बेटी निकलती है घर से तरक्की के रास्ते मां चिंतित हो बोलती रास्ते पर है हबसी भेड़िए � read more >>
सत्य चमकता है सितारों में कहीं उसकी रोशनी बयां करती है ,है वजूद उसका आसमां में कही। ********सत्य चमकता है सितारों में कहीं दूर होते हैं सित� read more >>
सच्चाई की ओर एक कदम बढ़ाओ वो आपकी ओर चार कदम बढ़ाएगी और बुराई की ओर आधे कदम बढ़ाओ वह बीस कदम बढ़ाएगी। Kirti sing read more >>
जिंदगी इंसान के जीवन में उससे कई बार परीक्षा लेती है ( सीख ) __ बस इंसान को उस परीक्षा में पास होने के लिए संयमी बनना पड़ेगा � read more >>
अक्सर हम मंदिर मूर्ति की पूजा करते करते गृहस्थ की पूजा को भूल जाते हैं जो हमारे धर्म और कर्तव्य से जुड़ा होता है। (सीख)_ गृहस्थ की प� read more >>
धर्म का सुक्ष्म तत्व क्या हैं धर्म को समझना बहुत कठिन है धर्म की व्याख्या करना भी कम शब्दों में करना बहुत दुष्कर कार्य है और असंभव है read more >>
झूठी शान के खातिर देखो , लोग क्या से क्या कर जाते है । रावण को कहते है दोषी , क्या स्वयं राम बन पाते है । मरे हुए को हर बार जलाते , पर� read more >>
मेरे पुत्र कार्तिक बंसल को समर्पित मेरी यह रचना कविता = ( कल की कहानी ) तुझमें अपना बचपन देखा ! तुझमें अपनी जवानी !! तुझमें गुजरा कल है द� read more >>
चुपचाप बैठ मैं देखता रहा, कभी पेड़ों की हिलती हुई पत्तियों को तो कभी उमड़ते हुए बादलों को न जाने कब यह बारिश कराएगी या यूं ही मेरे सामन� read more >>
छोटे-छोटे कदमों से हम चले जाएंगे, मंजिल दूर हो चाहे कितनी भी हम पहुंच जाएंगे छोटे-छोटे कदमों से हम चले जाएंगे आएंगी बड़े मुश्किल हाल� read more >>
जब वो रूठ जाती है घुटनों के बल जमी पर बैठकर तिरछी नजर से देख जाती है जब वो रूठ जाती हैं चेहरे को अपने फुलाए हुए नयनों को अपने जमाये हु read more >>
(1)बैरण बादळी मत बरसै,म्हारौ पिवजी बसे परदेश। पिवजी बेगा आवजो,हिवङै मे करुं कलेश।। (2)सावण सुखो जाय पियाजी,कद आओ म्हारै देस। गौरी त� read more >>
काम है न काज है, मिलता नही अनाज है, लॉकडाउन में रह के हमने देखा सबका राज है कुछ ने तो दीपक मोमबत्ती और टॉर्च जलवाया है किन्तु कुछ ने अवस read more >>
जिंदगी कड़ी धूप तो छांव है ये सांझ। आकर चुपके से कानों में कुछ फुसफुसाती है ये सांझ। अपनों को साथ बैठाती है तो चाय संग पकौड़े भी खिलात� read more >>
जीने के लिए हवा खाने के लिए खाना, कौन ये सब देता है तुम यही बतलाना। गाय भैंस बकरी व घोड़े सब पेड़ खाकर जीते हैं, भूलना मत तुम सेहत हेतु इन� read more >>
टपक रही नल की बूंदे खुद को सोच रही क्या यही हमारी किस्मत है क्या यह बदलेगी नहीं क्या नहीं गिर सकती मैं किसी के शरीर पर क्या नहीं पड़ सक read more >>
जब कहना था तो कहा नहीं अब कहने को कुछ बचा नहीं मूक था मैं या बना दिया चुप रहना हमें सिखा दिया कहने का अवसर भी गंवा दिया बांध लिया तुमने � read more >>
बड़ा को छोटे से सलाम नही और छोटे को बड़ों से सलाम नही।लेकिन खुदा बने दोनों की तमन्ना है। read more >>
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