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दीपावली के दीप ( दिपावली पर कविता) जुगनू सा जले दीप तो समझो दिवाली है मन में जगे जब प्रीति तो समझो दिवाली है दुश्मन हो या हो गैर बैर ना � read more >>
की तूम्हारे नाम किसी और को मॅसेज जाने लगे कैसा जादू कियाँ है हर तरफ तुम नजर आने लगे - समीर लांडे read more >>
पसंद हे मुझे वो फिल्मी दुनिया जहाँ आखीर में सब अच्छा हो जाता है असल जिंदगी में तो अक्सर मौत आ जाती है । 😔😔😔 - समीर लांडे read more >>
सही है तुम दुर हो, नहीं तो यह एहसास ही नहीं होता कि कोई दोस्त इतना करीब है। read more >>
गुनाह दयानंद हैरान-परेशान है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद उसे अपने काबिल बेटों के लिए बहुएं क्यों नहीं मिल रही read more >>
Maa
मुझे पता तो नही मै कैसा हू या मेरा आपके साथ व्यवहार कैसा हैं ...... पर आप तो मेरी दुनिया हो आपके बिना तो मैं कुछ भी नही आपको बता तो नहीं सकता � read more >>
तुम कितनी प्यारी हो माँ, सबकी झोली भरने वाली हो माँ, सबके होठो पर मुस्कान लाने वाली हो॥ जय माँ लक्ष्मी read more >>
माँ लक्ष्मी का आगमन, दीपों की रोशनी, पटाको की बौछार, फूलजड़ी की बाहार, आया है दीपावली का त्यौहार ॥ read more >>
कुछ तो खला है, कुछ मेहसूस हो रहा है, उनकी अनकही बाते, जेहेन मे दोर रहा है ✍✍✍✍💞💞💞💞💞👌🏿👌🏿 read more >>
बुद्धिमान जो होते जग में कभी ना धोखा खाते है निर्धन के और दिन हिन के बड़े काम वो आते है। शिक्षा दीक्षा जितनी पाओ अच्छे कामों में करो � read more >>
तेरे कल मे ,तेरे पल मे जीवन की इस, हल-चल मे सासें नहीं है, मेरी, हो ...... सासें नहीं मे , मेरी . रूह मेरी, करती अहसास है तेरा , है, जन्मो का read more >>
होगी दिल में जगह,न भुला पाओगे।सुन के दिल की सदा, तुम चले आओगे। चांदनी चांद से, दूर होगी नहीं। पर न दामन, तुम मुझसे छुड़ा पाओगे। खुद में read more >>
मेरा नाचन का जी कर रहा स तेरा रूप गजब का खिल रा स मेरा अंग अंग अंगड़ाई ले छोरे डीजे तेरा हिल रहा है स औ डीजे वाले छोरे मन ऐसा सॉन्ग सुना � read more >>
कल जैसे थे आज भी वैसे हीं हैं बस फर्क इतना सा हैं कल छोटे थे, आज कुछ बढ़े हों गए हैं। जिन हाथों से उंगलिया थम चला करतें थे। आज उन हाथों में read more >>
वो अल्हड़ नटखट भी क्या जीवन था हां भरी दुपहरी सावन था अंबर का वैभव कदमों में हां उस पार जमाना अपना था उमंगे तन भावों में पलटी read more >>
जगमग-जगमग दीप जले तब घर-घर बंदनवार सजे हां जगत तिमीर हरे मन रोशन करती भाव-भाव नगर सजे हां स्नेह प्यार मर्यादा लेकर हां धरती को य� read more >>
14 साल की प्रतीक्षाओं का अंत हो रहा था। किसी को कुछ सूझ न रहा। भरत जी ने कहा सब लोग नंदिग्राम चलें। लोग दौड़ पड़े। गोस्वामी जी कहते हैं कि read more >>
गहराई जमीन कि हो या समदर की तलाश ना पाऊ जिंदगी को हम जिंदगी के दर्द में हो गऐ गूम read more >>
गहराई जमीन कि हो या समदर की तलाश ना पाऊ जिंदगी को हम जिंदगी के दर्द में हो गऐ गूम read more >>
उम्र भर जो किया है तुम्हारे बिना । क्या वो तुमसे हुआ है हमारे बिना ।। तुम भले हो गए हो किसी और के । कोई तनहा जीया है तुम्हारे बिना ।। ह� read more >>
जीतने से हारी हूं जिंदगी से नहीं कुछ जिद्द बाकी है, जिसम में read more >>
Sir
Sir mera lika hua published nahi read more >>
रूको-रूको बेटे रूक जाओ, चल जाने दो। अमीरों का है रेला, गरीबों का है ढेला।। जहां चाह वहां राह, जन्म-जन्म का साथ read more >>
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