न जाने ये कौन सा रास्ता मैंने ले लिया,
कदम भी अब तो थकने से लगे है,
लगा कभी तो यूँ, के मंजिल बस करीब है,
पर अब तो ये शब्द भी चुभने से लगे है| read more >>
हजार कोशिश बिखर गई हो अगर आपकी तो फिर एक कोशिश करना अपने रिश्तो के खातिर ,क्या पता किस्मत की हिम्मत ना हो फिर से कोशिश को बिखेर जाने की। K read more >>
( मेरी लाडो बिटिया को समर्पित मेरी यह रचना )
कविता = ( मेरी लाडो )
मेरे घर की तू है रौनक !
मेरे घर की तू है दौलत !
तुझसे मेरी सारी खुशियाँ !
मे read more >>
‘‘यार, कैसे मर्द हो, जो दारू तक नहीं पीते! क्या अपनी बीवी से डरते हो?’’ सहकर्मी ने बीयर बार में प्रवेश की ओर निगाह डालते हुए तानेकश read more >>
# कभी कांटा , कभी गुलाब ......
रह गई ,
जिंदगी अब तो
कभी कांटा ,
कभी गुलाब ....!
उलझी हुई ,
इस कहानी के
के पात्र हैं ,
मैं और आप ....!
रह गए ,
दिल में
क� read more >>
तुमने मुझे ठुकराया पर कोई बात नही ।
हमारे साथ नही किसी के साथ सही ।
फिर तुमने दोहराई कहानी वही ।
अब बो भी कही बेबफा तो नही.?
@baba ji dikoli read more >>