कविता = ( फेसबुक )
लिखने का शौक़ था !
मुफ़लिसी का दौर था !!
पेट से मजबूर था !
तालीम से दूर था !!
जवानी का खून था !
दिल में जुनून था !!
शौक़ भी रं� read more >>
एक दिन निकल जाना हैं, एक लब्बे सफर पर
सारी मालो दौलत को पीछे छोड कर
और अक्सर डाला जाता है एक ऐसे तंग घर में
जहा करवट लेणे की भी जगाह ना ह� read more >>
Khali khali si jindagi hogi h,
maa jab te tu gayi h,
Mud ke ne aaja ne maa tere bina meri jindagi adhuri ho rehai h,
ke Tere bina jindagi adhuri ho rehai h.
@sombir_kharkadiya read more >>
हमारी उनसे मुलाकात कुछ खास नही थी ।
बस देखा था उन्हें कोई बात नही थी ।
एक दिन उन्हें देखा तो कुछ अपने से लगे बो ।
हम भी उनके ख्बावो में ख� read more >>