शाईरी -नम्बर 18
गमलें में खिलते हैं! गुलाब के फुल यह सबी को पता हैं। मेरा जान ! 'अरे गमले में खिलतें हैं। गुलाब के जो यह सबी को पता हैं। मेर� read more >>
शायरी: , नम्बर 22
ऐ बिगड़े हुए आषिको यह बैहपना मोहब्बत का खेल
मत खेला करो ? 4) से बिगड़े हुऐ आषिको यह बैहपना मोहब्बत का खेल मत खेला कुरो ?
क्� read more >>
शाईरी ,नम्बर 23
अरे जनाब आज-कल अपना भाई भी अपने भाई से घिन करने लगा हैं? और गेरो से मोहब्बत करने लगा हैं?
अरे जनाब आज-कल अपना भाई भी अपने भ� read more >>
शायरी तेम्बर 24
अरे बेवकूफ नाम तो उन गिद्धों भी का हुआ करता था शेर के जंगल छोड़ के चले जाने तो उन गिड्डो से बस्ती में। अरे बेवकूफ नाम तो उ� read more >>
कविता - ( खिलवाड़ )
वहशी ने किया शिकार !
हद कर दी सारी पार !!
मानवता हुई शर्मसार !
इंसानियत हुई तार - तार !!
शायद रोया होगा महाकाल !
नाम का तो र� read more >>
(काहानी हागू चंद) दिनाकरन - 20-11-2022
एक दिन हागू चंद अपनी सुसराल में गया था। ओर वह जब अपनी सुसराल में पहुँचा तो जब खाना खाने लगा तो उसको सबसे � read more >>
सज धज कर राधा चली, कृष्ण मिलन की प्यास।
लगती सुन्दर गजब की, उनसे ही है आस।।
सज धज कर राधा चली,यमुना तरनी पास।
रखी बसा मन श्याम को, मुरली � read more >>
मेरा पहला प्यार है, मां का ही कर ध्यान।
मां से ही दुनिया चले, मां ही हैं सब ज्ञान।।
मेरा पहला प्यार है, मां से ही है हर्ष।
मां ममता की रू� read more >>
किसी का हाल ना मालूम , किसी का बैहाल ना मालूम
मुझे दोखा दिया ऐसा, की खुद का हाल ना मालूम ।
दीवाना प्यार महोब्बत कर मुझे वो लूट रही थी और
ब read more >>