हां माना औरत हूं मै समाज की बेड़ियों से बंधी नायाब शौहरत हुं,मैं तो चलो एक मुलाकात ख़ुद के साथ हो जाए, एक कोशिश ज़माने के साथ हो जाए पर उल read more >>
जिंदगी कभी इतनी छोटी सी लगती है कि पता नहीं चलता कि ये पल कब गुजर गए, अपने ही नाराज होने लगते हैं आज कल ये कैसा दिखवा है पैसा इतना बड़ा हो � read more >>
बहर:_2122,2122,2122,212
मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को।
बदल लूंगा श्रम, कड़ा कर नीच सी तक़दीर को।
तुम नगीना हो, खजाने की सजा दी हो मुझे_
खत्म � read more >>
हार जीत के दाव में, फसा जगत के लोग।
मन से अथक प्रयास कर,पाते सुख का भोग।
जीत सुनिश्चित कर चलें,रखें सत्य का ज्ञान_
खुशियों से जीवन चले, द� read more >>
तर्ज़=>
बंसी बजी हो मधुवन मे,जो जिया नैया मोरे बस मे
लल्ला जन्म लये हो आँगन मे,देखे बिना जी नैया बस में
बस मे हतो री,अब नैया मोरे बस मे� read more >>
कभी - कभी कोई सब्जी इतनी कड़वी होती है कि उसमें जितनी भी मिठास भर दो पर वो मीठी नहीं हो सकती
बिल्कुल ऐसे ही कुछ रिश्ते में दूरी बड़ जाए फ� read more >>
👉 *इस ढोंग से क्या फायदा?*
*माथे पर चन्दन पोतने से क्या फायदा? जब कि मन में बुराइयों के ढेर जमा हो रहे हैं। बाहरी बनावट से कुछ काम न सरेगा � read more >>