मैं जब चौदह साल का था तब मैं एक अनजान व्यक्ति से मिला मैं नहीं जानता था कि वह कौन है और न ही वह मुझे जानता था
हम दोनों विधालय साथ जाने लगे read more >>
कल की ही तो बॉत थी, जब पिता का हॉत थामें में चल रहाँ थॉ!
ना जाने कब जिम्मेदारियो के साथ जवानी आगई,
और देखते ही देखते जिदंगी ने तजुर्बे के � read more >>
की बेहत दिन हो गये, कूच लिखा नहीं है!
लिखने के लिये तूमसा कोई मिला नही है!
और पकड लू कलम हातो मे अपणी तो,
शब्द नहीं यार तुम्हारी तस्वीर नि� read more >>
कण- कण में हर जगह है,
जड़- चेतन में भी है।
यहां है वहां भी है,
दाएं है बाएं भी है।
ऊपर है नीचे भी है,
मेरे अंदर है,सबके अंदर है।
वह सत्य हरे� read more >>
पता नही वो खुद में कौन सा राज लिए बैठे है ।
हमारे हर जख्मो का इलाज लिए रहते है।
खुद से जुदा भी वहि करते है ।,और फिर मना लेते है
हम जानते ह� read more >>