आए हैं हम-
इस फागुन में अपने गांव,
एक अर्से के बाद!
खुशबू जो आ रही है मदमाती-
ये मंजरिया से आम की बगिया से,
गुजर रही है ये बसंती हवा ये बया read more >>
कहानी- महाप्रयाण!
रचना- जितेन्द्र शर्मा
तिथी-18/02/2023
पंडित द्वारकानाथ कई दिनों से बीमार थे। उनके बेटों ने उन्हें शहर के सबसे अच्छे डॉक्� read more >>
काश मेरे दुखी वक्त में तुम,
मुझे भी संभाल लेती,
मसले कभी हल नहीं होते,
क्या मेरा मूड हमेशा ऑन होता है,
मेरा भी एक दिल है, जो कभी रोता है।।
read more >>
पहला रंग-
18/2/2023
बाबु ने कुछ लजाकर, कुछ इठलाकर अपने सोहना बाबू से पूछा - मेरे सोहना, मेरे बाबु, मुझे नया आईफोन कब दिलवाएंगे।
सोहना बाबु पह read more >>
आते जब PTM के दिन
धक-धक करने लगते दिल|
कोई मंदिर में माथा टेके
कोई GOD को डोनेशन ठोके।
जब गुजर जाते वो दिन
दिल में रहता अगला दिन।
आते जब PTM � read more >>
सफर है ये श्वासों का!
सफर है ये श्वासों का-
आते-जाते दे जाता है,
इस जीवन का संदेशा
गजब का ये है सफर
सफर है ये श्वासों का!
माटी का ये है प� read more >>