हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>
हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>
दुनिया में, मरण समझदार का।
समझदार समझ से, समझ समझके समझ जाता है।
अरे, वह तो नकटा है,वह नकटाई से ही सुलझ जाता है।
अरे, तू तो समझदार है, वह स� read more >>
मुझेको खबर भी क्या कौन अपना पराया है
मैंने अपनी मां के दम से यह हौसला पाया है
कोई छू भी नही सकता मेरे वूजूद को
जब मेरे सर पर मेरी मां का � read more >>
कब तक युं तेरा इंतज़ार करू में ?. उम्र का आखरी मुकाम है सांसो के टुटने का भरोसा नहीं हॉं अगर वायदा कर ले मुझसे जनम -जनम में फिर मिलने का । त read more >>