दिल में इस तरह तिरी याद आई
सूने सहरा में गोया बहार आई
कागज़ पे बयां कैसे करूँ ग़म-ए-हिज्र
मिरी कलम में नहीं है इतनी रोशनई
— त्रिशिका श read more >>
मुखड़ा- दर्द दिलवा में जब जब उठी सनम,
रातियों के ना आखिया सुती सनम,
जाके हमरा से दूर रहबु रुठी सनम,
रातियों के ना आखिया सुती सनम
अन्तरा-1 � read more >>
सत्य पर खत्म हुई न्यायालयों की स्याहिया!
दफ्न हो गई बया से पहले ही गवाहिया!!
दसो दिशा में जश्न था चमन के उन्नति का यू!
हुआ � read more >>
#कविता
".....बेवफा की याद में "
एक कांटा था ,
चूभ गया , दर्द दिया
मोहब्बत की राह में...
आज भी मेरा मन ,
रो उठता है एक
बेवफा की याद में...
तन� read more >>
मै तेरे प्यार में पागल तो नही ।
मै तेरे दिल के जमीदार तो नहीं ।।
एक बार चांस देकर तो देख,।
एक बार पलट करके तो देख,।।
मै आपको बताऊं कैसे आप read more >>
मंजिलें दूर हैं नज़रों से ओझल ..
जाने कहाँ बसेरा होगा,
एक आज का दिन � read more >>
ये.. जिंदगी है दोस्त, कभी हंसाएगी कभी रुलाएगी
हर राह पर एक नया मोड़ लाएगी..
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