माँ
माँ तो आखिर माँ होती है ,
माँ जेसी कोई कहाँ होती है
माँ तो आखिर माँ होती है |
जब भी अँधेरा छा जाता है ,
वह दीपक बन जाती है ,
इक अकेली र read more >>
एक इंसान होता है। और सुबह घर से काम के लिए निकलता है। चलते चलते रास्ते में एक गाड़ी वाला कुछ चीजें बीकते हुए नजर आता है। उसको वहां की एक � read more >>
कविता- मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
दिनांक- 15/05/2023
दीपक बुझा दो कि रात होने दो,
मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
टूट गया हूं अपनो की read more >>
"मर्दे जात"
ये मर्दे जात अजीब होती है,औरत का चयन उसकी चमडी से करता है,मोलभाव करता है,ऊँची ऊँची बोली लगता है,जिस्मों की मण्डी मे हर वक्त इ� read more >>
" एक और मुलाकात "
वो मिले मेरे को उस वक्त जिस वक्त उनके गले मे मंगलसूत्र, माथे पे बिंदी और माँग मे सिंदूर था, देखकर वो दूर खड़े होकर मुस्का read more >>
वंजारवाडी नावाने एक गाव होते आणि त्या गावात एक खुप श्रीमंत व्यक्ती राहत होता 80/90 एक्कर शेती, ट्रॅक्टर, बंगले, दुकानं होते आणि त्यांना त� read more >>
तू ही खुशी, तू ही गम
तू जिंदगी, तू ही मौत
तू है तो लगे हंसी जिंदगी
तेरे बिना ना लगे कोई खुशी खुशी
तू है तो जिंदगी तो प्यारी प्यारी
पर तू � read more >>