सुनो ना,
"आज मैंने कई सालों बाद अपनी अलमारी खोली तुमसे जुड़ी हुई बहुत-सी यादें आज भी मेरे पास हैं बसरते उन यादों में एक धुँधली -सी परत जम � read more >>
तुम ये उम्मीद मत रखना मुझसे
कि मैं धोखा नही दे सकता
और ना ये उम्मीद रखना कि छल कपट से परे हूँ मैं
मैं ये सबकुछ कर सकता हूँ
धोखा भी दे सकत� read more >>
शमशान तक ही तो जाना है फिर क्यों इतनी माया है, यह जीवन मेरा है यह तन मेरा है फिर क्यों एक दिन इस में आग लगाना है ।शमशान तक ही तो जाना है फिर read more >>
सपने हों साकार तब, जब हो दृढ़ उत्साह।
जोर शोर से मन लगा, करूं फतह हर राह।।
सपने हों साकार तब,करिए श्रम दिन रात।
जीवन में साधन रहे, लब पर � read more >>