जब मैं सारा दिन कार्य करके, थक जाता हूं तो, जब कार्यों में मिलने वाली निंदा से, मेरा मनोबल टूट जाता है, सारा दिन दुख और चिंता और थकान, के म� read more >>
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनकर घर-घर जाँए !
भि� read more >>
यह घटना लगभग, 2007 की है, तब मैं छोटा था,, ए घटना मेरे घर के बगल की है, मैं इसे अब तक भी भुला नहीं पाया हूं, वह पार्वती चाची_ उनकी तीन बेटियां थी, � read more >>
इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल-कपट की दुकान नहीं है।।
हड़पी हुई, जायदाद भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग- प� read more >>
मुझे गर्व है कि_ मैं गांव का निवासी हूं, और मेरे पिताजी किसान हैं, अपने खेतों से, कुछ इस कदर किसान जुड़ा रहता है, जिसका हम तुम, कल्पना भी � read more >>
T हमने तुम्हारे साथ, बस कुछ ही कदम, तो साथ साथ चले थे, और मैं तुम्हें जिंदगी भर के लिए अपना जीवनसाथी चुन लिया है, हमने तो अपने देश के लिए, बस read more >>
कोई भी प्राणी कि जब उत्पत्ति होती है, तो उसमें चेतना का समावेश होता है, हम अपनी चेतना को, साक्षात रुप से नहीं देख सकते, लेकिन उसे हम अपनी � read more >>
जब मैं छोटा था, मेरे पांव कितने मासूम थे, पर मैं चलना सीखता था, कभी गिरता था कभी संभलता था, और जब थक जाता था, तब मां के आंचल में, छिप जाता था, read more >>
मैं कितना नाजुक था, चलते चलते कभी मुंह के बल गिरता था, तब मेरे पिताजी, अपने हाथ देते थे, मैं उनकी अंगुलियां पकड़ कर, चला करता था, मैं जब भी � read more >>
शायद हम पुराने हो गए है,
या रिश्ता पुराना हो गया है।
पहले जब रूठते थे तो वो मनाते थे हर बार,
पर अब छोड़ देते है वक़्त पर कि,
ठीक हो जाएगा स read more >>