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चमकती धूप, रंगीन फूल, गाती बहार, खुशियों का जूल। सरसों की खेतों में भोरी ठंडी हवाएं, मोह लेती हैं मन को, बसंत की मधुर लहराएं। फूलों की ब read more >>
तोफे, लाया मे, लाया नजराने ये तो सब है । दिवानी तुझ से मिलने के बहाने। हो... इस ज्यादा, और भला एक दिवाना क्या करे......? महीने बदलते, है। तार� read more >>
(दोहा छंद) जुगनू में मत खोजिए,प्यार भरी कुछ आस। मिले निराशा आप को, लोग करे उपहास।। जुगनू में मत खोजिए,जीवन भव्य प्रकाश। करे निशा में ख� read more >>
(दोहा छंद) जिनमें परोपकार था, कहां गए वे लोग। मिले आजकल वो नहीं,हुआ हृदय में सोग।। कहां गए वे लोग जो,जिनकी वाणी सत्य। जिनका सब कुछ सत्य read more >>
(ग़ज़ल) सावन में बलम घर आ जाना फिर कुछ दिन में मिल चले जाना। प्यार ही प्यार ले आइएगा खूब मजा ले कर चले जाना। याद तो नित आती ही होगी मे� read more >>
सब हैं नज़र के धोके, असलियत तो कुछ ओर हैं, जो दिखते चेहरे साफ, उनके अन्दर भी मेल हैं। read more >>
मजबूरी इस कदर हो गई, जान के भी सब दूरी हो गई, पता हैं उनका हाल कैसा हैं, खबर ना ले सकते ऐसी पैरों में बेड़ी हो गई। read more >>
हवन चिंतन मनन और तेरा गुणगान दर्शन सांख्य योग सब तुझ तक पहुंचने के नाम काम, क्रोध, मोह, लोभ और तज दिया मैंने अभिमान अब तो दर्शन दे दो प्� read more >>
चलते - चलते ✍️✍️✍️ शायद कभी मिलें न हों..ऐसे 'किसी' से हम जैसे कि मिल के आए हैं प्यासी 'नदी' से हम दुनिया-जहान में थे..कभी 'लाज़िमी' से हम र� read more >>
(मुक्तक छंद) मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम। सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम। तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_ बनकर सावन की घटा,ब� read more >>
हौसला बुलंद है अगर बंदे, पहाड़ को भी वह राई कर दे,, ज़िगर वालों का है यह दुनिया, आसमान को भी मुट्ठी में कर ले!! -मोती read more >>
वतन की धरती सोने की चिड़िया, ध्वजा में लहराती शोभा देख देश की। धन्य है वह भारत माँ, जिसकी मृदु सी धरती, प्यारी है वह जननी, अमित ज्ञान की � read more >>
देशभक्ति कविता (Patriotic Poem) User Desh bhakt poem i स्वतंत्रता की ध्वजा लहराए, वीरों की मेघा बरसाए। देशभक्ति की ज्वाला जगाए, राष्ट्र के गर्व को बढ़ाए� read more >>
काव्य रचना - अग्नि भी शर्मा गई चार जबाजों को देखा हमने लथ पथ आग बुझा रहे थे, सैकड़ों की भारी भीड़ में मुर्दे रिल्स बना रहे थे। देख पत� read more >>
उलझ-सी गई है जिंदगी हमारी, इन उलझनों को हम सुलझाएं कैसे? उलझनें है धागों-सी, बड़ी गांठों को सुलझाएं कैसे? आंखों में है आंसू हमारे, आंस� read more >>
सूरज की किरणों में चमक और है, चांदनी की चमक में बहार है। चिड़ियों की गोते देख लो, प्रकृति की सुंदरता बेकार है। वह नदी का पानी शानदार ह� read more >>
दर्द जो तुमसे हमको मिली भुलाकर भी भुलाया ना जा सकी जो जख्म मिली है तुमसे उसका दवा कहीं भी ना मिली मुझे हार गई मैं खुद से इतना प्यार कि� read more >>
मोहब्बत ना करो हमसे यारा इतनी सी गुज़ारिश है मोहब्बत में बहुत दर्द और तकलीफ मिलती है और हमें तो सुकून की तलाश है read more >>
ए कौन सा मंजर है जिंदगी का जिसमें हम उलझते ही जा रहे हैं जितना निकलना चाहा उतना ही फंसते जा रहे हैं धन्यवाद read more >>
फरिश्ते बनकर आए थें तुम मेरी जिंदगी में अब नासूर बन गई तेरी मोहब्बत read more >>
एक की दूरी काफी थी मुझे दर्द देने के लिए तुझसे मोहब्बत करके हमने दूजी भी पाल ली धन्यवाद read more >>
रंग रूप से दोस्ती ना करे, दोस्ती करें मन से, निभाओ दिल से । read more >>
जो क़दम बढ़ा लिया तो अब चलो रुको नहीं हटो नहीं अब डटो🌹 जो तुम लौट आओगी 🌹यकीन मानिए बड़ी पछताओगी🙏 बेटी हो तुम मजबूर नहीं मंजिल ते� read more >>
"मेरे आंगन की गौरैया" मेरे आंगन में फुदकती गौरैया। मन को भाती दिल बहलाती। चुं -चुं कर पास हमें बुलाती । करती बड़ी उछल कूद शैतानियां। read more >>
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