जीवन के ये मूल हैं, ये ही हैं जगदीश।।
जीव सभी के प्राण हैं, सुनते सरल पुकार।
सुनते सरल पुकार, उद्धार करते सबका।
पापी का कर नाश, करे धरती � read more >>
तमन्ना के बग़ैर हम-
ख़ाली रह गये हम,
हर नाता निभाते हम-
ख़ुद के रहे ना हम,,
सबके होते गये हम-
ख़ुद से दूर होते गये हम,
बंटते-बंटते आज-
ख़� read more >>
रात गुज़र-
के आया है दिवस,
आजा-आया-
दिवसों का दिवस,,
गुरु कृपा से-
समाया हृदय में प्रकाश,
गुरु शिरोमणि-
कोटि-कोटि प्रणाम्....!!!!
"पांच सि read more >>
इंसान किसी की मजबूरी नहीं समझता, बस वादा पूरा ना करने वाले को झूठा कहता, खुद क्या कोई इंसान सारे वायदे पूरे करता, अपने को मजबूर समझ कर कभ� read more >>