बचपन का साथी
बचपन का साथी कब राहों में खो गया,
यह पता चला ही नही।
मैं बच्चा से कब बड़ा हो गया ये पता चला ही नहीं।
बचपन के वो लम्हे जो हर स� read more >>
तेरा मासूम सा रूप देख के,
मेरा दिल मचल सा गया है ।
तेरी मासूम सी सूरत ने तो मेरे दिल का कत्ल कर डाला है ।
कैसे करू तेरी सुंदरता के चर्चे ,
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कितने अच्छे थे वे दिन
जीते थे चिंता के बिन..
खूब पढ़ना, खूब लिखना
मौज मस्ती, गिन -गिन -गिन
चलते फिरते थे बिंदास
रखते दिल में बड़ी सी आस
अ� read more >>
नौ से दस सितंबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन कई मायने में ऐतिहासिक व अभूतपूर्व रहा। इसमें उन तमाम विषयों पर (73 बिंदुओं � read more >>
रामचरितमानस में तुलसीदास ने कहा है - होइहे सोई जो राम रचि राखा. को करि तर्क बढ़ावै साखा.
भावार्थ ये है कि जो कुछ राम ने रच रखा है, वही होगा read more >>
वो जब पैदा हुई थी तो उसके पिता ने मिठाई बांटी थी. एक मैकेनिक के घर नन्ही परी ने जन्म लिया था. माँ की लाडली और पिता की दुलारी लाड-प्यार में � read more >>
ये कहानी है प्यार के बलिदान की. दो प्यार करने वाले पंछी अपने माँ-बाप के लिए अपने प्यार को बलि चढ़ा देते हैं. अपने प्यार को अपने दिल में दफ read more >>
आफताब एक होनहार 16 साल का लड़का जो कि 12 वीं की पढ़ाई कर के अपनी बुआ के घर छुट्टियां बिताने गया हुआ था. अप्रैल का महीना था. गर्मी अपने चरम पर read more >>
ये कहानी उस लड़के की है जिसे अपनी ज़िन्दगी में भविष्य का डर हुआ था. शीर्षक से तो आप सभी असमंजस मे होंगे कि भविष्य का डर से लेखक का क्या अभ read more >>
सतीश बचपन से बहुत सीधा लड़का था. माँ - बाप के संस्कार उसके व्यवहार और व्यक्तित्व मे झलकते थे. उसे सिखाया गया था कि हमें कभी किसी से झूठ नह read more >>