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ना दर्द का ठिकाना ना चोट का हिसाब अरे, ओ हरजाई जब निभाना ना था साथ तो वफा का ख़्वाब दिखाया क्यों धन्यवाद read more >>
तेरे इर्द - गिर्द कितने है तू क्या मुझे याद रखेगा जानती थी मैं कि हर बार झूठा बहाना बनाके तू मुझको ही लूटेगा धन्यवाद read more >>
Once upon a time in a small village, there lived a young boy named Alex. Alex had a unique way of making friends and building connections with those around him. Let's embark on a journey into his world to learn the magic of friendship. Chapter 1: "The First Encounter" Alex was at the park one sunny day when he noticed a girl named Lily sitting read more >>
Once upon a time, in a small town named Harmonyville, there lived a young girl named Emma. Emma was known for her kindness and empathy towards others. Her story was a testament to the power of spreading positivity in a community. One sunny day, Emma noticed her neighbor, Mr. Johnson, struggling to carry his groceries into his house. Without a se read more >>
देवी स्वरूपा माँ दूर्गा रूप हैं तेरे पार्वती , गौरी की आती है तू जब धरा पे माँ भीड़ लगने लगती है तेरे द्वारों पे भारी पूजा करने आने -जा� read more >>
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 *प्रेरक कहानी* 👌*आज ही क्यों नहीं ?*👌 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 एक ब� read more >>
हां मुझे Single रहना पसन्द है पर इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे relationship में problem हैं.. बस आजकल के Temporary रिश्ते से डर लगता हैं... तलाश है किसी ऐसे permanent की � read more >>
तुम्हारे सफ़र में.. तुम्हारे साथ चलने वाले बहुत मिलेंगे.. पर तुम उसको चुनना.. जो तुम्हें अपनी मंजिल बनाएं ...!! @komal..!! read more >>
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *प्रेरक जीवनगाथा* 💐*रानी दुर्गावती की वीरगाथा*💐 भारत की हर बेटी कहे मुझे दुर्गावती बनना है 👌प्रस्तुतकर्ता-स� read more >>
यह छोटा नागपुर- खनिज संपदा से, भरल झारखंड है आंचरा में ,, कल-कल- नदी बहेला पहाड़े झरे, झरना झारखंड कर आंचरा में,, बोली हमर- आऊ-जाऊ सबे रह� read more >>
ज़ख्म गहरा है सब्र से काम लेना है। ज़माने को अपनी चाहत में ढाल लेना है।। इंतहा होगा हमारे इश्क का आखिर कब तक। जुंवा को बंद रखो आंखों से read more >>
बेशक हुआ इस हुस्न पर दीदार आपका चाहत की हमारी वह तलब गार हो गए।। जीना था जिन्हें बिन नाम मोहब्बत के वो खुद्दार भी इश्क के बीमार हो गए।। read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" हँसी और मुस्कान से,घायल करती नाज। दीवाना मैं जो बना,और लुटा दूं राज।। हँसी और मुस्कान से,ख� read more >>
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" आशिक मेरे हैं सभी,बनकर अदभुत सोम। हँसी और मुस्कान से,खिल जाता है रोम।। खिल जाता है रोम,� read more >>
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" हँसी और मुस्कान,रहे जिसका गर साथी। भय रहता है दूर,मिले सदगुरु की थाथी।। पाएं तब सब ज्ञान,बन� read more >>
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" हँसी और मुस्कान से,करिए नित आदाब। पाएं दुआ असीम तब,रहे शक्ल पर आब। औरों को भी कर सरस,लिए ह� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसी कैसी जिन्दगी,रहती है नाराज। दूर ज्ञान से यह रहे,गलत करे हर काज।। ऐसी कैसी जिन्दगी,रहता read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" एक भरोसा राम का,जो रहते हैं साथ। हर विपदा से ले बचा,सिर पर रख वो हाथ।। एक भरोसा राम का,जिससे read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" एक भरोसा राम का,जो रहते हैं साथ। हर विपदा से ले बचा,सिर पर रख वो हाथ।। एक भरोसा राम का,जिससे read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अपने मन की बात से,जीतें यह संसार। गौरव बन कर देश का,सबको दें अधिकार।। अपने मन की बात को,नही� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" धीरे धीरे एक दिन,होगा बम विस्फोट। बढ़ता यहां अधर्म से,अच्छों में भी खोट।। धीरे धीरे एक दि� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" कौरव पाया जीत कर,पांडव पर अधिकार। हार गए तिय द्रोपदी, और हुआ लाचार।। चीर हरण करने लगा,भरी स read more >>
1 .प्रेम या मुहब्बते देखकर करना कही थोखा न हो जाए 2 .दोस्ती उसी से करना जो साथ देने का वादा करें . किसी भी कार्यो को करने में -पिन्टु कुमा read more >>
एक बार की बात है, किसी गांव में एक संत रहा करते थे स्वभाव से निर्मल सादा जीवन, एकांत में रहना उन्हें ज्यादा पसंद था। जो भी भिक्षाटन से मि� read more >>
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