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कहते हैं ,अधर मेरे अंधेरों से जरा देर और ठहर जा उतार नकाब चेहरे से सुकून की कुछ बात करूंगी थक जाती हूं उजाले से अश्रु अपने छुप read more >>
भीड़ में भी तन्हाई का अहसास होता है अपनों के बीच भी परायों सा महसूस होता है और क्यों ना हो जब अपने ही मुंह फेर कर बैठा हो अजनबी शहर में read more >>
भावनाओं को खुद में दफनाना सीख गए कमियों को अपनी अपनाना सीख गए किस्मत में लिखा जो मिलेगा वही हर बात में किस्मत आजमाना सीख गए रूठने लग� read more >>
मैं जोगी- तेरा तू मेरा जोगनी, तू है प्रेम- मेरा तू मेरा जोगनी,, मैं दिल में तेरे- पनाह को ए-जिंदा हूं, ज़िंदगी क्या- तेरे बिना ए-जिंदा � read more >>
क्या यह ऐसा है- अद्विक मेरे क़रीब है, कैसी उल्फ़त है- प्रकृति मेरे क़रीब है, यह देखो अद्विक- यह प्रकृति मुझमें ए-समाया है,, रिश्ता यह- read more >>
बस थोड़ा सा सहारा चाहिए,अपना वही सुन्दर जीवन मुझे दुबारा चहिए, अपनी गलतियों को सुधारने का मौका दुबारा चहिए, वरना ख़ुद बिगड़े जीवन से छ� read more >>
तेरी चाहत के दीवाने हो गए हमें खबर भी नहीं कब हम तुम्हारे हो गए बेरंग जीवन में कितने रंग भर गए ख़्वाब जो देखे थें कभी आज सच हो गए अनजान� read more >>
जज्बात क्या समझेगा वो मेरा जब वो खुद मुझे ठुकरा कर चल गया अब तो शिकायत ना होती मुझे क्योंकि जिंदगी का सबक सिखाकर वो मुझे चला गया read more >>
आबरु, की तख्ती पे लिखे है। बेगुनाह ,भीड़ के गुनाह नासमझ , जमाने ने ,अफवाहो़ कि आँधी मे सच, को समझना भी जरूरी नहीं समझा । एक ,चाहत की चिं� read more >>
प्रेम बाग-ए-कली तू , कैसी-ए-लाड़ली तू , प्यार दिया मुझको अपनाया ,, अपनों का अनाथ मैं ..!! मेरा ए-प्रेरणा तू , राह एक सहारा तू , बन जीवन में ए-� read more >>
हैरत-फरोश हूँ में इस दौर-ए-जहालत में जहाँ बिन पैसे की मोहब्बत बेमाईंने बन गई, और बिन पैसे की हमदर्दि कबाड़ बन गई। हैरत-फरोश हूँ में इस द� read more >>
जिसे दुनिया किस्मत का नाम देती है ना वह मेरी नजर में हुनर है कहलाती है..!!! read more >>
समझते हैं लोग क्यों- हम अलग हैं आपसे, समझते हैं लोग क्यों... जीवन की चाह दिया- चाहो जी भर के, जियो जी भर के... समझते हैं लोग क्यों- हम अलग ह read more >>
सुःख हो या दुःख सब तुझपे है छोडा दुनिया को छोड़ के नाता है तुमसे जोड़ा, ओ माई मेरी छोड ना देना मुझे बिच राह में जीवन के हर इक पल को तेरे भरो� read more >>
माना पथ दुर्गम है, माना पथ दुर्लभ है। पर एक जिगरा क़दम, बढ़ाकर तो देखो। तन -मन में निराशा है, चारों ओर हताशा है। पर आशा आविर्भूत किरण, ज� read more >>
रास्ते में फिर वही पहरो का चक्कर आ गया...ना जाने कब उलझी हुई जिंदगी सुलझेगी...!! read more >>
मर्द की खूबसूरती उसके चेहरे में नहीं अल्फाज में होते हैं.. और औरत की खूबसूरती उसके समर्पण से होती है..!! read more >>
नफरत भरी उचाँइयों पर, कभी मोहब्बत की सीड़ी लगाकर, आज़गी भरे कदमों से धीरे - धीरे चाहत लिए उपर चढ़ कर, मुस्कुराकर उस पार झाक कर तो देखो, ताज़ी ह� read more >>
अपनाने लगे है। बदलते . रीति - रिवाज़ शौक . बदल के जीना क्या... ? यहाँ खुद ब खुद बदल गए सब, तौर तरीक़े अब,किसी से शर्माना क्या....? मत ढकिऐ, ओ� read more >>
अक्सर, मुलाकातें दोस्त बना देती है। अजनबी, इन्सानो को , ये रिश्ते है।, जो चाहत की बुनियाद बनाते है। पहला सबक है ये इन्शानियत का read more >>
प्रेरणा मेरा- सहारा तू ही साहिल, ज़िंदगी सफ़र है- तू कश्ती को सहिल, हमराही तुम- वादा निभाना भूल न जाना,, सफ़र है जीवन है तू ही है ए-मं� read more >>
चलूं मैं हवा हूं हवा, देखे न दुनिया जहांन,, पर करते एहसास सभी... ए-सांसों में जीवन हूं!!!! -मोती read more >>
ये जमीं ये गगन- उड़ते बादल पक्षी कहीं, ये झरते हैं झरने- बहती है दरिया कहीं, पुकारे पी कहां पी- कहां ये उड़ता मेरा मन,, पुकारे डाली- ड� read more >>
मिट्टी के घरौंदे, कागज़ की नांव बारिश की बुंदे और पिपल का छांव फूलों की बगिया खुबसूरत सी कलियां हंसता मुस्कुराता वो मासूम सा चेहरा म read more >>
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