तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं , नासमझ हीरे को भी पत्थर क़रार देते हैं ।
ठंडे दिमाग़ से सोचो , तराशे जाने पर क्या पत्थर को हुआ क� read more >>
कविता = ( भारत )
भारत को गर भारत पुकारा तो क्या !
वर्षों की चढ़ी गर्द को उतारा तो क्या !!
यह भरत का भारत यह देवों की देव भूमि !
जय श्री राम क� read more >>