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मुझे याद तुम्हारे बोल ये बोल बड़े अनमोल। तुम पावनी नदी की जलधारा तुम हो अमृत की घोल। मैं याद करूं जो तुम्हारे क्षण क्षण संरचना के खा read more >>
अपने शहीद आगाज़ देखलो कितना है पानी का पनघट हम बन जायेंगे। युवा प्रेमी की ज्वाला हूं आशिकों का जमघट हम बन जाएंगे। अपने दिलों में भी read more >>
एक सबसे प्यारा भाई था पास मेरे, जो दिन –रात रहता था साथ मेरे, फ़िक्र थी उसे हर बात की मेरी, जताता नहीं था यही थी उसकी कमज़ोरी, एक द� read more >>
अपनी यादें.....। आज देखलो दुनियां में कितने वक्त के पहरें है। उन लम्हों से बनी कहानी कुछ उथले कुछ गहरे है। अपनी सीमा से जुड़ा हूं read more >>
कड़कती ठंड में , चीथड़ों में तिलमिलाती गरीबी कलम पकड़ने की उम्र में , पत्थर उठाती गरीबी बच्चे को कंधे पर लिए , फूल बेचती मां की ब read more >>
जिंदगी भी एक पहेली हैं,जो कभी सुलझती नहीं है।उलझती रहती हैं। जिंदगी में हर किसी को टैंशन हैं कोई होगा जिसे कोई परेशानी ना हो,वरना हर कि� read more >>
ईमानदारी और सच्चाई का भले ही कोई इनाम न मिले पर दिल को तो सुकुन वेसुमार मिलता है। read more >>
कोयल पंचम स्वर सुनाए, वंसतअपनी आहट लाए । सुख प्रसूनों के झुरमुट में , नई राग नई ताल लिए । चूं-चू करके विहंगम गा� read more >>
कोयल पंचम स्वर सुनाए, वंसतअपनी आहट लाए । सुखे प्रसूनों के झुरमुट में , नई राग नई ताल लिए । चूं-चू करके विहंगम ग� read more >>
जादूच असेल तीचात काही , ती नेहमीच असते मझ्यात काही. रात्री उष्याला ही तीच जाणवते, माझ्या स्वप्नात हि तिच वावरते. मी तर स्वपवल सर्व काह read more >>
क्यों नाराज़ रहते हो क्यों नहीं कुछ कहते हो..... हमें भी दर्द देते क्यों खुद भी दर्द सहते हो....... तुम्हें क्या पता जब महीनों तुमसे बात नही read more >>
एक काम कर के जाना जी, जग में जीत के जाना जी, ख़ुद में ख़ुदा को जान के जाना जी ख़ुद को जान के जाना जी....!!!! -मोती read more >>
अपनी ऊर्जा अपनी खुशी में खर्च करो क्योंकि खुशी से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है अपनी सभी समस्याओं से स्वंय निपटो जितना अधिक समस� read more >>
मेरी मांग विधाता से हे विधाता आज तुझसे खिल चुकी मेरी भावना। आज तुझसे कह रहा हूं मांगा मैंने कामना। मुझको ये वरदान दे दो सादगी का मान read more >>
क्या कभी आपने ये सोचा कि असली में इस द्वाराहाट ने श्री कृष्ण की द्वारिका बननी थी, लेकिन बनते - बनते रह गया ऐसा क्या होगा इस द्वाराहाट मे read more >>
एक बार स्वर्ग के देवता धरती पर विचरण करने आए|उन्हें आशा थी कि धरती के निवासी उनका विपुल स्वागत करेंगे ।उन दिनों खेतों में अनाज के पौधे � read more >>
जादूच असेल तीचात काही , ती नेहमीच असते माझ्यात काही. रात्री उशाला ही तीच जाणवते, माझ्या स्वप्नात हि तिच वावरते. मी तर सोपवल सर्व काही � read more >>
उठाना गिरना प्राकृतिक स्वभाव है जैसे सुबह ओस गिरती है दोपहर में धूप गिरती है शाम को छांव गिरती है इस तरह जीवन में गिरने उठने का read more >>
मैं खुले गगन का पंछी बनकर आधार धरूँगा हिंदी में। मै रजत रश्मि का सूरज बनकर चमक उठूंगा हिंदी में। जीवन की जो आशा हैं उस आशा में परिभा� read more >>
मेहमान वनके आए थे कभी अब याद वनके ही रह गये हो, मिलों दूर के ओ रहने वाले तुम अब ख्वाब वनके ही रह गये हो। read more >>
अक्सर वह यह कहा करते हैं, के उनको इक पल की भी फुर्सत नहीं पर जाने क्यों हमें यह लगता है के हमसे उनको कोई मतलब ही नहीं। read more >>
जिंदगी जीने की मेरी ख्वाहिश थी, अपने छोड़कर गैरों पर चाहत थी| गैरों के चक्कर में अपनों को भूला बैठे, जब अपनों ने दिया सहारा तब गैर रूला read more >>
ऐ गुलाब तू क्यों अब इन पन्नों में डरा सहमा छुपा हुआ है, वो भी एक जमाना था जब तू मेरी प्रेरणा हुआ करता था।। ✍️प्रदीप सिंह ग्वल्या read more >>
वो शिव ही तो अनंत है वो निरंकार ओंकार है सृष्टि का जहां अंत है वहा से शिव प्रारम्भ है गंगा है जिसके शिस पर भुजंग शोभे कंठ में वही तो शि read more >>
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