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चाहत कभी न यूं मरे, बड़े स्वप्न को देख। जिन्दा दिल हर पल रहें, प्राण बने नव लेख।। प्राण बने नव लेख,जिसे पढ़कर सब सीखे। और करे उत्कर्ष,रह read more >>
तेरे बिन थिर रहे ना ये मन हे रामा, वस में रहे ना ये दिल हे मोरे रामा, तू घट-घट वासी जाने सो ज्ञानी हे रामा... तू प्रकट जिस घट सोहीं पंडित ह� read more >>
मां बाप को मत भूलो, ये दिल की गहराई से कहो, उनकी दुलार और प्यार को, हर पल उनको याद रखो। उनकी ममता अनमोल है, उनका स्नेह अमर है, जीवन के � read more >>
ब्रह्मांड को- जानना शायद असंभव है, परंतु विश्व के- संचालन कर्ता को जानना संभव है -मोती read more >>
अच्छे-अच्छे वक्ताओं की, हुई बोलती बंद। बजरबट्टू हो रहे, समझते थे अक्लमंद। नज़रों से नज़र चुराकर, हो गए नज़रबंद। तर्क का निकालते अर read more >>
वक्त, तेरे खौफ की ये तजा क्या , हरियाली मेरे स्वपन की मेरे हुनरमंद से क्यों रज़ा नहीं।। क्या, बंद हो जाएंगी।। मेरे सपनों के शहर में ख्� read more >>
"मैं" "चिडचिड़ा-सा रहने लगा हूँ मैं,लहजा बदल गया है,लोग कहते हैं, तुम अब बदल गये हो,मुझे खुद ही याद नहीं पहले कैसा था मैं" #Mukesh Namdev read more >>
उम्मीद के इस जहां में,ये संघर्षों का दौर कुछ हमसे कहता है।, सुन यहां ये अफवाहों का शौर कुछ हमसे कहता है। यूंही नहीं बनती , कभी किस्मते� read more >>
दादी की दादागिरी, सबसे प्यारी है , बच्चों की भीड़ में, वो सबसे न्यारी। दादी की कहानियाँ, मजेदार और लंबी, उनकी गोदी में बैठ, सुनते हम सभी। read more >>
हे दामन में दाग जिनके वो दूसरों में दाग ढूढते है। हो रहा आँखों के सामने, बुरा कितना भी वो देख सब आँखे मुन्दते है। हे ही क्या दोष इसमें � read more >>
जीवन की सफलता- जीवन के मूल तत्व को जानने में है -मोती read more >>
हक़ीक़त जानने की- हसरत लिए गुज़ारता था आलम यह प्यास- ए-त्रास बन प्राण लेने को था सत्य की बेपनाह चाहत में- मन-बुद्धि-अहंकार के उस पार थ read more >>
हजारों खेल खेले हैं । हमने इस बालू रेत पर.........!! वो खेल आज की उलझनों से अच्छे थे । बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।। वक्त की उड़ान और क्या - � read more >>
बसंत बहार की न जाने क्यों हर साल ये हजारों फुल खिलाती है ।। पेड़ो की हरी-हरी टहनियों पर भंवरों को बुलाती है ।। ये आदत इस की या कोई शौक � read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....! मेरे भारत में सावन देखों.....! रिमझिम- रिमझिम बारिश की बुंदों में इठलाती - बतियाती खिलखिलाती सुन्दर - सुन्दर read more >>
हाल अपना सुनाया करो, आते हो ख्वाबों में कभी मेरी हकीकत भी बन जाया करो, आंसुओ की हो वजह तो कभी खुशी की भी बन जाया करो। वक्त का पहिया घूम ग� read more >>
भीष्म तेरी प्रतिज्ञा क्या.....? तेरी गौरवगाथा के काम आई मृत्यूस्या पर लेटे-लेटे प्रायश्चित के आंसू ....से शन्न था हृदय जीवन में क्यों प read more >>
तुझसे शिकायत करूं भी तो कैसे करूं तू तो मेरा होकर भी मेरा नहीं है तुझपे हक जताऊं भी तो कैसे जताऊं तू तो मेरा होकर भी मेरा नहीं है तुझप read more >>
तेरी जिंदगी से जा रहे हैं हम इल्जाम ना देगें तुम्हें हम जो बीत गई वो अतीत थी हमारी यही सोचकर चल देगें आगे तेरी यादों से भी दूर हम तेरी read more >>
सावन का मौसम आया फिर याद तुम आए हो जितना दूर करती हूं तुम्हें खुद से उतना ही करीब आए हो Saawan ka mausum aaya Phir yaad tum aaye ho Jitna dur karti hun Tumhen khud se Utna hi karib aate ho ओ पह read more >>
(ऑफिस के किस्से ) हास्य कविता ऑफिस में हम गए थे बड़े शान से, सोचा था कि बुढ़ापा कटेगा आराम से। पहला दिन जब पहुँचे हम वहाँ, बॉस ने दे दि� read more >>
मैं दीवाना बना दूं तुझे तेरे पास रह-रह कर -.......! बांहों में तेरी गुजरो हर सुबह शाम हूं मैं तेरा आशिक पगली ये कह कर - कर...........! मैं दीवाना........ read more >>
अपने इस,दो दिन के इस प्यार में ...२ जीवन बसे हैं ! हजार.......! हर मोड़ पे हम....... फिर मिलें हैं।यार........! अपनी मुहोबत, दुनिया देखें अपना प्यार......! � read more >>
हे! कलम लिख हे! कलम तू झूठ को झूठ सांच को सांच लिख, तेज तलवार से भी तेज बात को बात लिख। सफ़र हो दूर कितना भी मगर जज़्बात लिख, भरोसे से � read more >>
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