तेरे बिन थिर रहे ना ये मन हे रामा,
वस में रहे ना ये दिल हे मोरे रामा,
तू घट-घट वासी जाने सो ज्ञानी हे रामा...
तू प्रकट जिस घट सोहीं पंडित ह� read more >>
हजारों खेल खेले हैं । हमने
इस बालू रेत पर.........!!
वो खेल आज की उलझनों से
अच्छे थे ।
बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।।
वक्त की उड़ान
और क्या - � read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....!
मेरे भारत में सावन देखों.....!
रिमझिम- रिमझिम बारिश की
बुंदों में इठलाती - बतियाती
खिलखिलाती
सुन्दर - सुन्दर read more >>
हाल अपना सुनाया करो,
आते हो ख्वाबों में कभी मेरी हकीकत भी बन जाया करो,
आंसुओ की हो वजह तो कभी खुशी की भी बन जाया करो।
वक्त का पहिया घूम ग� read more >>
सावन का मौसम आया
फिर याद तुम आए हो
जितना दूर करती हूं
तुम्हें खुद से
उतना ही करीब आए हो
Saawan ka mausum aaya
Phir yaad tum aaye ho
Jitna dur karti hun
Tumhen khud se
Utna hi karib aate ho
ओ पह read more >>
मैं दीवाना बना दूं तुझे
तेरे पास रह-रह कर -.......!
बांहों में तेरी गुजरो हर सुबह शाम
हूं मैं तेरा आशिक पगली
ये कह कर - कर...........!
मैं दीवाना........ read more >>
अपने इस,दो दिन के इस प्यार में ...२
जीवन बसे हैं ! हजार.......!
हर मोड़ पे हम.......
फिर मिलें हैं।यार........!
अपनी मुहोबत, दुनिया देखें
अपना प्यार......!
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