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ऐसे तू सामने आया न कर... तेरे जाने पे आँखे, तुझे देखने को तरसे... ख़ुशी तो बहुत, पर आँखे नम कर जाती है... ये आँखे पूर� read more >>
कैसे मिलूंगा मैं तुझसे हे राम कैसे लोग मिलते हैं तुझे हे घनश्याम कैसे मंदिर-मस्जिद-र्चच कहते दरबार है तेरा तुम-ए-ख़ुदा दिखता नहीं मै� read more >>
दुनिया बेईमानी का खाती है, पर ईमानदारी पूजने वाले भी तो हैं। लोग झूठ के घाट पर नहाते हैं, पर सत्य दरिया में उतरने वाले भी तो हैं। लोग � read more >>
भारती,जय विजय करे। कनक शस्य् कमल धरे । लंका पदतल सतदल, गर्जितोमिरृ् सागर - जल धोता शुचि चरण युगल स्तव कर बहु अर्थ भरे ! read more >>
पानी बरसा छम - छम - छम ऊपर छाता नीचे हम । छाता लेकर निकले हम, पैर फिसला गिर गए हम।। read more >>
यह वही क्षण है । ये ,वही रण है।। वत्स, जिसकी उम्मीद में सीखा चलना , तुमने,हर शस्त्र, कर अब मन से ध्यान तेरे काम आएगा । तेरा युद्ध कौशल � read more >>
गरमी के दिन आते हैं, हमकों बहुत सताते हैं । कहाँ खेलने जाये हम ? तेज धूप में निकले दम । खेल का मैदान गरम , लू को आती नहीं शरम । कही read more >>
जोधपुर नामक एक छोटा सा गांव था ।गांव के बाहर एक रास्ता था । रास्ते के बीच में एक बढ़ा सा पत्थर पड़ा हुआ था । उस रास्ते से कई लोग गुजरते थ� read more >>
मेरी चाहत क्या- ख्वाहिश पूछो न मेरी जान मरता जिस सूरत- पर क्यों पूछो न मेरी जान क्या समझाऊं- नज़र दुनिया की प्रेम दाग़दार है मूर्त� read more >>
क्या कहती हो ठहरो नारी । संकल्प अश्रु - जल - से - अपने । तुम दान कर चुकी हो पहले ही जीवन के सोने से सपने । नारी ! तुम केवल श्रद्धा हो, � read more >>
पर्वत कहता शीश उठाकर , तुम भी ऊँचे बन जाओ । सागर कहता हैं लहराकर , मन में गहराई लाओ । समझ रहे हो क्या कहती हैं, उठ - उठ गिर - गिर तरल तरंग � read more >>
तुझे से कुछ कहने का, यारा, मन हो रहा है।। आज , सावन ये मधुर -मधुर बारिश में तन- बदन और मन ये भींगो रहा है।। तुम से कुछ.....! अब जीवन खुशियों � read more >>
समय ,क्यों है तुझको इती जल्दी? तुम भी थोड़ा विश्राम क्यों, तुम भी थोड़ा आराम करो, सतत चलते रहते हो तुम, कठोर परिश्रम करते रहते हो तुम। � read more >>
कोशिश कर ,हल निकलेगा , आज नही तो कल निकलेगा । अर्जुन सा लक्ष्य रख , निशाना लगा , मरुस्थल से भी फिर , जल निकलेगा । मेहनत कर , पौधों को पानी � read more >>
वो आकाश क्या जिसमें तारे ना हो , वो सागर क्या जिसमें गहराई ना हो । वो पथ क्या जो पथरीले ना हो , वो जीवन क्या जिसमें संघर्ष ना हो । वो स read more >>
ये आसमां छीन गया तो क्या ? नया ढूंढ़ लेंगे , हम वो परिंदे नहीं जो उड़ना छोड़ देंगे ।। मत पूछ हौंसले हमारे आज कितने विश्रब्ध है , एक नयी � read more >>
दादा जी की छड़ी गोल , दादी माँ की ऐनक गोल , मम्मी जी की रोटी गोल , पापा जी की पैसा गोल , बच्चे कहते लड्डू गोल , मैडम कहती दुनिया गोल ।। read more >>
कारगिल विजय दिवस: एक गौरवपूर्ण इतिहास भारत के वीरों ने अपने अदम्य साहस और अप्रतिम पराक्रम से इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी है। 26 जुलाई read more >>
अभिनव , ये ,अभिमान बोलता है। क्या यह हर क्षत्रिय की जुबान बोलता हैं ।। हर प्रण में .....! युद्ध और रण में...... नारी का स्वाभिमान बोलता है।। म read more >>
मेरी मर्यादा की तुम लक्ष्मण रेखा हो....! हम तुम्हें महज़ दूर से ही देखा करेंगे....!! #मेरी_घनप्रिया अतुल..... ✍🏻✍🏻 read more >>
सादगी देखना हो तो मेरी आँखों में देखना....! वरना ये दुनिया तुम्हें रंगहीन बताएगी ....!! #मेरी_घनप्रिया अतुल..... ✍🏻✍🏻 read more >>
तुम्हारे बिना रंगों की तरह बिखरा हुआ हूँ मैं....! अगर तुम मिल जाओ तो, मैं कोई प्रतिकृति हो जांऊ.....!! Writter....... ..Atul #..... Prem read more >>
बारिश की बूंदो की तरह मैं बिखरा सा हूँ..! तुम समुद्र की लहरों सा समेट लो...!! read more >>
मुझे दिन की आखिरी पहर तक तेरा इंतज़ार रहता हैं....! हर वक्त मुझें तेरा ख्याल रहता हैं...!! #मेरी_घनप्रिया.... अतुल.....✍🏻 read more >>
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