जब जीवन भाग-दौड़ से थक जाता है,
मन भ्रम और चिंता में उलझ जाता है,
तब कृष्ण की वाणी फिर याद दिलाती है—
"कर्तव्य करो, बस कर्म निभाते जाओ।"
न read more >>
जन्मा था सूर्य की छाया से,
पर छोड़ा गया समाज की माया से।
माँ ने आँचल का दूध न पिलाया,
पर राधा ने प्यार का समंदर बहाया।
हर कोई कहे — "सूतप� read more >>
सुहावनी सी सुबह हुई थी ,
दोस्त का साथ था ।
दिन जन्म अष्टमी का था ,
भक्त में राधे का था ।
जन्म दिन बहुतों का था ,
किसी का तारीख से तो किसी क read more >>
ज़रूरी तो नहीं तुम, पर वो ख़्वाब हो तुम
ये मेरे नाज़ुक सा दर्द का दावा हो तुम।
ज़रूरी तो नहीं तुम,
पर मेरी आंखो का, ये आईना हो तुम,
जो साथ read more >>
डर से जो हार मान लेता है,
वो मंज़िल तक पहुँच नहीं पाता है।
जो हिम्मत से कदम बढ़ाता है,
वो हर बाधा को पार कर जाता है।
अँधेरों से डरकर जो ठ� read more >>
जो इंसान अपने काम में व्यस्त है,
वही सचमुच अपने जीवन में मस्त है।
जो अपने सपनों को सच करने में लगा है,
वह हर पल को जीने का असली मज़ा ले रह� read more >>