गीत(मुखड़ा)
मेरे मन के अंँधेरे में, तू ही तो रोशनी है
जीवन के हर मोड़ पर, तेरी ही बंदगी है
दिल की आंँखों से देखूंँ, बस तुझको हरदम
तू ही म� read more >>
तो अब समझ गया
सुनते हो?
' नहीं '
बतलब बहरे हो
' नहीं '
कुछ कहते हो?
' नहीं '
मतलब गूंगे हो
' नहीं '
तो देखते होंगे?
' नहीं '
मतलब अंधे हो
' नहीं read more >>
यू ही में कभी घूमने निकल जाता हू
ऊब जाता हू अपने आप से तो घर से निकल जाता हूं
सफर करता हूं बस में तो नईं बात संजो लेता हूं
ओर देखने जा रह� read more >>
तिज़ारत की तो,
क्या ख़ुदा को रखा सारिफ़ और ख़ुद के बीच में?
मोहब्बत की तो,
क्या ख़ुदा को रखा महबूब और ख़ुद के बीच में?
हुक़ूमत की तो,
क्या ख़ुदा को read more >>