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निराशावादी इंसान तो हर मौके में कमी ही ढूँढ़ता है, जैसे जीवन ने उसके रास्ते में सिर्फ़ मुश्किलें ही बो दी हों। कदम-कदम पर डर, मन में अँ read more >>
खामोशी भी कुछ कहती है, बस सुनने वाला चाहिए, हर थकी हुई सांस में, एक उम्मीद वाला चाहिए। जब रात बहुत गहरी होती है, और अंधेरा डराता है, तभी क� read more >>
सपनों सी लगती थी वो शाम, जब पहली बार देखा तुम्हारा नाम। दिल ने ऐसे धड़कन छेड़ी, जैसे किसी ने खुशियों की बात कही।हवा में खुशबू बस तुम्हा read more >>
अब चलो उस शाम की बात करें, जब बारिश में भीगते हम मिले। तुम्हारी आँखों में चमक सी थी, जैसे तारे रात भर जागे।हाथों में हाथ डाल चल पड़े, गल� read more >>
तू गई तो दिल के शहर में सन्नाटा सा छा गया, हम मुस्कुराना भी चाहें तो रोना आ गया, कहते हैं जुदाई वक़्त का इम्तिहान लेती है, मगर तुझ बिन हर � read more >>
इंस्टाग्राम अति न्यारा सबके मन का राज दुलारा है ! लड़कियों को भा रहा इसलिए लड़कों का प्यारा है !! • विशाल शुक्ल read more >>
भारत संस्कारो का देश है यहां की नित नूतन चिर पुरातन परम्परा देश और विदेश में गौरव का विषय रही है ! भारत गांव में बसता है जहां संस्कृति स� read more >>
भारत संस्कारो का देश है यहां की नित नूतन चिर पुरातन परम्परा देश और विदेश में गौरव का विषय रही है ! भारत गांव में बसता है जहां संस्कृति स� read more >>
अभी हारा नहीं हूं जिंदगी मैं, बस थोड़ा थक गया हूं। अभी चलना छोड़ा नहीं मैंने, बस थोड़ा रुक गया हूं। ऐ जिंदगी तू भी थोड़ा सांस ले ले, थक read more >>
पडौसी से ऊंचा, मकान कर रहा है नहीं जितना उतना गुमान कर रहा है किसी को किसी का, सुहाता नहीं सुख आदमी, आदमी को, परेशान कर रहा है कोई कीमत ग read more >>
जंगल की पगडंडी पर, एक दूब-सा कोमल बालक, सूखे पत्तों की सरसराहट में सपनों का गूंथता था मालक। मगर सपने उसके छोटे न थे, ना डराए उसे कोई तू� read more >>
साहित्य का श्रृंगार शब्दों से होता है ! और आज का नौसिखिया कवि कविता के नाम पर सिर्फ तुकबंदी बोता है !! बेहूदा चुटकुले और मंच की नौटंकिय� read more >>
कहीं एक खालीपन था, जो भर नहीं पाया, एक चेहरा अपना–सा था, जो सच में अपना बन नहीं पाया। सुबह की पहली धूप में भी तेरी ही कमी सी लगी, भीड़ के ब� read more >>
स्त्री इतनी क़ैद है कि उसके चारों ओर नज़रें हैं, दीवारें हैं, रिश्तों के नाम पर लगी हुई ज़ंजीरें हैं। हर सुबह वह उठती है, सबके लिए चाय � read more >>
कहीं दूर से आवाज है आई, कभी तो अपने लिए जी ले मेरे भाई। खुद को नीलाम कर जो जमा की है तूने पाई -पाई, एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू, यही रह � read more >>
हमारी अलमारी में तो नये कपड़े भरे रहते हैं, पर माँ आज भी उसी घिसी चप्पल में चलती है… क्योंकि उसे डर है कि कहीं उसके एक नए जोड़े से हमारी read more >>
बारिश से टूटा अपना मकान, लल्ला छुट्टी आएगा, घर की मरम्मत कराएगा। चश्मा हुआ मेरा पुराना, बंद हो गया है दिखाई देना, लल्ला छुट्टी आएगा , � read more >>
आंखों की क्या कसूर, जब तुम इतनी खूबसूरत हो ‎तो तुम्हें देखेगा ही, दिल की क्या कसूर, ‎जब तुम्हारी सुर्ख़ियों में इतनी मिठास है ‎तो धड� read more >>
पडौसी से ऊंचा, मकान कर रहा है नहीं जितना उतना गुमान कर रहा है किसी को किसी का, सुहाता नहीं सुख आदमी, आदमी को, परेशान कर रहा है कोई कीमत ग read more >>
खुदा भी आयेगा न तुझको, बचाने के लिए जरा सम्भल के आना , मुझको डुबाने के लिए तू जानता है मैं तुझको नहीं, समझता कुछ तू जो भी होगा और होगा,ज� read more >>
है तो चालाक, मगर दिखता है नादान बहुत या तो खुदा है वो,या फिर है ,शैतान बहुत उसके दिल में है क्या,उसका तो खुदा ही जाने पर वो लहज़े से तो, ल� read more >>
ग़ज़ल नमक से हाथ जख्मों को, मिलाना पड़ता है कि मजबूरी मे तुझसे, मिलने आना पड़ता है पता है चोट देगा,पर सफर में साथ तो है हमें पत्थर से ह read more >>
कुछ क्षण की विवशता है मेरी परिचित हूं मैं, परिणामों से पर आने दो मैं अंबर को नापूंगा अपनी उड़ानों से मुझे नाम की चिंता जरा, नहीं विख read more >>
हर पल नई राह दिखाती है ज़िंदगी, कभी ठोकर, कभी मंज़िल सिखाती है ज़िंदगी। हँसी के रंग से सजती है राहें हमारी, आँसू भी कभी सिखा जाते हैं स� read more >>
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