नम आंखे गम बन गई, गम मेरी तन्हाई बन गई, तन्हाई मेरी तकदीर बन गई, तकदीर मेरी तस्वीर बन गई, तस्वीर मेरी रुसवाई बन गई, रुसवाई मेरी भरपाई बन गई read more >>
आज अलार्म को मैंने, ज़ोर से डाँटा है,
सपनों की चादर को, थोड़ा और बाँटा है।
भाड़ में जाए दुनिया, और दुनिया की ये दौड़,
आज मैंने खुद को, 'Do Not Dist read more >>
भीड़ की आवाजों में, अपना राग कहीं खो न देना,
दुनिया के तराजू में, खुद के ख्वाबों को मत तोलना।
कोई कहेगा पत्थर तुमको, कोई कहेगा कांच यहाँ,
� read more >>
दुनिया को फतह करने का अरमान न पाल तू,
पहले अपने मन के अंधेरों को ढाल तू।
बाहर तो मिल जाएँगे लश्कर तुझे कई,
अंदर जो चल रही है, वो जंग संभ� read more >>