समय बड़ा अनमोल है, इसे यूँ ही न गँवाओ तुम,
बर्बाद भी करना हो तो, किसी ख़्वाब पे लुटाओ तुम।
सिक्कों में नहीं तौला जाता, दिलों में बसता है � read more >>
पत्थर की मूरत को छप्पन भोग लगाते हो,
सोने के गुंबद पर तुम चांदी चढ़ाते हो।
वो तो जगत का स्वामी है, उसे क्या कमी है?
असली जरूरत तो यहाँ, आँ� read more >>
कलम चाहे हज़ार हों, पर बात क्या होगी?
जो शब्द ही न पास हों, तो शुरुआत क्या होगी?
सजी हों अलमारियाँ, पर रूह ही न हो,
तो कागज़ों के साथ फिर, मुला read more >>