काश ,कोई इस सुने दिल में
फिर से दीप जला जाए,
इस रंग बिरंगी दुनिया से ।
कुछ रंग मुझे भी दे जाए,
कुछ सपने थे ,जो टूट गए,
कुछ अपने थे ,जो रूठ ग� read more >>
उस कमबख्त बेवफ़ा से उसकी याद अच्छी है,
वो सब झूठ बोलती थी ये बिल्कुल सच्ची है,
उसका हुस्न आज बुढ़ापे के बोझ में दबा होगा.
"पागल" हैरा� read more >>
सिर्फ़ तुम्हे देखता रहूं हर पल कोई और काम ना हो,
तुम्हारी आंखों से करूं नशा पीना कोई ज़ाम ना हो,
पागल" पागलों की तरह प्यार करता रहे तुम read more >>
किस तरह वया करु अपने मन की दास्तां, कहीं देखूं दुनिया में बहुत अच्छे लोग हैं जो दूसरों की खुशी के लिए बहुत कुछ कर जाते हैं, कुछ
लोग अपनी � read more >>
जमाने से सिकवा शिकायत की है,
रची जिंदगी मिट्टी लगती है !
प्रेम की मुरती मां से मिली है,
पानी के बुंदे हरपल बरसती है !!
कौन है,बसेरा जो हमे read more >>
संसार की माया मिथ्या, झूठ का ना मोल ।
अब ग्यान पटल खोल माँ, ग्यान पटल खोल ।।
अवगुण भरे हैं इस तन में, अब गुण की भाषा बोल ।
अब ग्यान पटल खोल � read more >>
हे चाँद चाँदनी फैला गगन भर में ,
तू निकल कहीं ना पर निकल उनके आँगन घर में |
दीप्त कर दे बो चेहरा तेरे ही जैसा है ,
है तुझसे भी खूबसूरत ते� read more >>
मन के सच्चे, मनमौजी, अलमस्त बेगाना। नीचे सोते, बिस्तर से उठते, मां का जबरन नहलाना।
मिठाई मन की मुराद, खाने की न देर।
खिलौना पूंजी आगे, कह� read more >>