था कर गुज़रने का जज़्बा, ज़िंदगी पल भर की।
अग्नि में तपकर एक लोहा, फाल बन गया हल की।
धरती के दामन के संग, कृषक का हमराही।
घिस -घिसके घिस ग� read more >>
सजा के मंडी -
गद्दी पे बैठ कर ;
ढोंग रचा रहा पाखंडी ,
ले के सब से वोट -
आघात किया दे के -
सब को चोट ;
तू भूल गया -
अपना परिचय ,
जो भी है तू -
है अप� read more >>
शहर के बड़े कॉलेज मैं ऋषभ पढ़ता है | ऋषभ को पढने में बहुत ही रूचि है | किसी से अधिक बात भी नहीं करता है | बस अपने काम से काम रखता है |उसके इस स्व read more >>
दिल निकला बड़ा कम्बख्त ---------2
उस की यादों में रहता हर वक्त
हुक निकला उस के नाम से - -----
बन्दा गया काम से ---
ख्याल अपना कहाँ भूला
ऐ दिल कम्बख्त read more >>
दो घूँट पीते हैं जीने के लिए ------2 💐
आरजू गम कम करने के लिए ।
अर्ज हो तो मयखाना पी दूँ ---2 💐
कुछ भी कर जाऊँ ----
दर्दे सीने के लिए ।---- read more >>
हे हसीना दूर से युँ ना घुड़
आ सीने से लिपट जा ----2
साहिल कब मौज से दूर ----💐
कौन रोका - टोका ---2
किस ने किया मजबूर -------💐
आ सीने से सिमट जा युँ ना घु� read more >>