लेकर पंख सपनों के, आ पहुंची में मेहनत के देश। पर यहां लगता है पराया सा व्यक्ति हरएक। फिर एक झलक पीछे देखा, तो चुनौती से भरी राह को देखकर, � read more >>
बिप्ता आन पड़ी है बाबा, मेरी भी सुन लो ना बाबा थोड़ी सी खुशियां मेरे नाम भी करदो ना बाबा, ये दुआ मेरी काबुल कर लो ना बाबा, मेरी उम्मिद टूट � read more >>
कविता आज बनी सबकी आदत है
गम सहने की,
चुप रहने की,
आज बनी सबकी आदत है!
अश्रु बहने की,
बस डरने की,
भय से रहने की आदत है!
कब सोचोगे
कुछ करने � read more >>
स्कूल में शिक्षक ने खूब हमे सिखाया और उस A से Z तक के सफर ने खूब हमे रुलाया......LKG तक तितलियां उड़ने लगी थी अंबर और first class तक सीख चुके थे हम roman number. read more >>