जिंदगी कभी इतनी छोटी सी लगती है कि पता नहीं चलता कि ये पल कब गुजर गए, अपने ही नाराज होने लगते हैं आज कल ये कैसा दिखवा है पैसा इतना बड़ा हो � read more >>
हां माना औरत हूं मै समाज की बेड़ियों से बंधी नायाब शौहरत हुं,मैं तो चलो एक मुलाकात ख़ुद के साथ हो जाए, एक कोशिश ज़माने के साथ हो जाए पर उल read more >>