हां प्यार में कभी खिचखिच तो कभी किशमिश है,
होता है क्योंकि मन है समान तो रहता ही नहीं,
आज के आधुनिक युग में भागम भाग है,
ध्यान और ख्याल इ� read more >>
मानव तन के दो रूप,
प्रथम देह का- अंत।
दूजा है प्राण- अनंत,
पल दो पल का साथ।।
मानव देह गुण अनेक,
स्वयं का ज्ञान मूल।
अंत से अविनाशी तक,
वि� read more >>