जाग रात के जुगनू चोर
टिम - टिमाना अब छोड़
आ चले अब पश्चिम की और ,
देख बादलो का
मचा हे सोर ,
चाँदनी का हे
धरा पर ज़ोर
जाग रात के जुगनू चोर /
न read more >>
वो तूफानों में पलते जा रहे हैं ,
वो आग पर भी चलते जा रहें हैं ।
खुदा भी नज़र अंदाज कर नही सकता ,
इन दियालो को !
जो दूसरों को रोशन करने के लि� read more >>
बैठा बारव्हीं सीढ़ी पर ,
भूला अपने आप को था |
ना था साथ किसी का ,
बस दर्द का साथ था |
मै बैठा था ,
जिस सीढ़ी पर |
वो इस सफर का ,
आखिरी पायदान थ read more >>
आज उदासी से भरा बाग में बैठा था ,पता नहीं क्या मन में था ?
ना किसी की याद थी ,ना कोई यादों में ।
ना कोई बात थी , ना मै किसी के वादों में ।।
म read more >>
चल मुसाफ़िर तुझे दूर जाना है !
रात की गहराइयों में खोकर , ना जाने किस किस सपने को अपना बनाना है ।
अल्फाजों की रंगत से न जाने और कितने पन्� read more >>
कभी वक्त था तो वक्त ना था ,डरते थे कहने से ।
मुस्किल में होते वो , तब डरते थे उनकी मुस्किल सहने से ।।
वो रोज अदब से सुबह सर नवाते थे , क्या read more >>
घर की कुछ/सारी ,
जिम्मेदारियों को संभालता ,
करता सारी व्यवस्था
जीवन निर्वाह का ...!
चाहे वो फकीरा हो
या हो वो लखपतिया ...!
चौके के एक कोने � read more >>
समझदार हैं वो लोग जो भूले नहीं अपने वकार को!
इस दौर में आसानी से भूल जाते हैं लोग अपने किरदार को
इस दुनिया कि भीड़ में हमने घाटे का सौदा ह� read more >>