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अचेतन मन की बातों का संग्रह ही सपने होते हैं। चेतन मन की भावनाओं का परिवर्तन सपने होते हैं ।। सपने तो सपने होते हैं सपने भी सच्चे ह read more >>
इस ज़माने में तेरे नाम से बदनाम मैं क्यों कुसूर तो तेरी नज़र कि थी फिर भी खताकार मैं क्यों बहुत वक़्त लगे मुझे इस बात को भुलाने में खता दो� read more >>
देखिये कब उनसे मुलाक़ात होती हैं. अभी तो बात बंद हैं कब बात होती हैं. रिश्ते निभाना इतना आसान नहीं मेरे दोस्त कभी कभी जहर भी बर्दाश्त कर read more >>
मेरी कमी क्या तुझको खलती है मेरी याद क्या तुझको कभी आती है मै क्या तेरे ख्यालों मे आती हूँ उस पल की याद आती हैं जो प्यार भरे थे उन एहसास read more >>
आज तुमने वो बात याद दिला दी हैं जिसे ज़माने लगे थे मुझे भुलाने में चलो शुक्रिया तुम्हारा उस याद को याद दिलाने के लिए मैं फिर से मशरूफ ह� read more >>
यहाँ कौन किसको सलाम करता है यहाँ मतलब सबको करीब रखता है जिस जहाँ में तुम हो वहाँ मैं भी हुँ मेरे दोस्त वक़्त आने दो वक़्त तो सबका हिसाब क� read more >>
चाहे वर्तमान युग हो चाहे बीत गया कल हो या आने वाला पल हो। हर कर्मफल अपने आप से अलग हो ये जरूरी नही है। कहा कब क्या सिमिलाॅरिटि होती है । read more >>
*नर पर भारी नारी* अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारी। सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी।। सभी नारियाँ कहाँ रह गई, read more >>
मैंने कब कहा कि तूने छोड़ दिया मुझे, मिलना न मिलना सब नसिबों कि बात हैं| ज़िन्दगी में सब कुछ मिल जाये ये ज़रूरी नहीं रजा, मिला तो वो भी नहीं � read more >>
जिंदगी के रास्ते भी बड़े अजीब हैं, कभी हार कभी जीत लगी रहती हैं, हर कदम पर खुद संभाले रहना, रास्ते में ठोकरें भी लगती हैं। read more >>
असहाय मुझे अपने आप को खो दिया दैनिक आंखों के सामने खो गया परिचित दुनिया मुंह चावल मुंह की आवाज खींची जाती है जो तय नहीं करता है उस read more >>
कविता-मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटी मैं छिप कर क्यों जीवन जीती किसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं? read more >>
ना गुरु रहे ना ज्ञान रहा, कलयुग का आज्ञान रहा, ना अच्छी लगती हैं लोगों को, धर्म, कर्म की बातें, बस पाप का भार बढ़ रहा । read more >>
आह्वान वक्त का ऐसा हुआ असर अमराई भी बौराई नहीं। तन मन से सींची थी बगिया कली मुसकाई नहीं। read more >>
माँ बाप हम से क्या चाहते है ? कुछ दिन से पिता जी बिमार थे, उन की उमर 70 को पार कर चुकी थी, उमर अधिक एंवम स्वस्थ ठीक न होने � read more >>
‌                                सन्नाटा                      &nbs read more >>
न तू होती न मैं होता न कभी मिलते न मुलाकात होती न दिल मिलता न प्यार होता न इश्क में हम बेकार होते न मैं रोता न तू हस्ती न जख्म देती read more >>
दिल कि हसरत निकल गई सिर्फ तुमको पाने मे मेरी तो जिंदगी गुज़र गई रुठो को मनाने मै हम वो कली है जिसने हमेशा सीखा मुस्कुराना तुझसे मिलकर � read more >>
रुकना नहीं कभी मंजिल मिले गी पर अभी देर है मुसीबत तो आती रहें गी तू समझना समय का फेर है ये दुनियां वाले तेरी खामियों को ढ़ूढ़ने निकल चुके read more >>
इस मतलबी भरे दुनिया मे उसका क़ुछ पल आकर जाना मेरी पुरी दुनिया बिखर गयीं, और कहती है की ख़ुश हूँ मैं अपने इस फ़ैसले से अब उसे क्या पता � read more >>
देना माँ सरस्वती वरदान हमें | देना माँ सरस्वती वरदान हमें | तेरे चरणों में हम आये देना माँ ज्ञान हमे, देना माँ सरस्वती वरदान हमें | हम न read more >>
मन चाहता है | चाँद पर बेठकर देखूँ आसमान में बिखरे तारो को अपने हातों से समेट कर देखूँ , मन चाहता है | बहते आशुओं से आसमान के बादलो को भ read more >>
तेरे भीगे पल्कों पर हम अपना नाम लिखेंगे, तारों की छाओ में बेठकर तुम्हारे नाम का पेगाम लिखेंगे , रोज लिखेंगे सुबह लिखेंगे शाम लिखेंग� read more >>
कोन हे वो चिड़िया जिसके हे ये रोते बच्चे/ क्या झाकने की इच्छा हे नीड़ो से क्या चलती हे हवा इन पेड़ों से, क्या, होगा मन उड़ने को शाम सव� read more >>
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