मैं गांवपहुंचता हूं तो देखता हूं कि गांव में सब कुछ पहले जैसा ही है मेरा बचपन मेरे गांव में ही बीता मेरे माता पिता किसान थे हम दो भाई थे � read more >>
‌प्रवेशोत्सव
‌अप्रेल का महीना आते ही विद्यालयों में प्रवेश की तैयारियां चल रही थी। सभी सरकारी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव बड़ी धू� read more >>
* नई जनरेशन *
रंग ढंग नई जनरेशन के
हमको समझ न आए ।
सदी बीस को छोड़ के
ये इक्कीसवीं सदी में आए ।।
देर रात तक जगने की
आदत इनके मन भाए ।
नौ � read more >>