कविता -ख्वाइश
सुख जैसे कुछ
पाने की
दुःख जैसे कुछ
खोने की
कुछ खाने कुछ
पीने की
जग में जीवन
जीने की
"ख्वाइश"है।
नभ में खग सा
उड़ने read more >>
बहुत समय बीत जाती ,दीपा अब अपने को सम्हालने ही लगती कि घर में कुछ मेहमान आते हैं और दीपा के रिश्ते के लिए उसके मां -बाप से बात करते हैं।दी read more >>
काले बादल आसमान में अपनी जगह बना ली थी, बारिश के बौछार होने लगी थी।उसी समय एक लड़का जिसका नाम आयन और उसकी उम्र १३ साल की थी वह स्कूल से अप read more >>