धितकार भरी नजर, फिजूल थे सबकी नजरो मे
न थी अहेमियत, बेकार केह रहे थे हर किसी ने
सफलता की शिखर चढ़े तो ,लगा की सुकून मिली
तब हम भी गिने जान� read more >>
छोटे से एक मकान में मां बेटे रहते थें, मां का नाम मधुरिमा और बेटे का नाम सोहन था । वहीं पास के एक गांव चंदापुर में मां एक सरकारी स्कूल में read more >>