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सब कुछ तो लोगों ने बेच दी है, अब तुम्हारी जान बाकी है जो वो भी परमात्मा के पास गिरवी रखी हुई है। read more >>
केतनी भीड़ है दुनिया में लेकिन हर किसी को मोहब्बत में ही अकेला कर दिया है। read more >>
मुकम्मल इस जहाँ मे कौइ नही। बस जरूरत है दिदार को तरासने में। हँसी के फुव्वारे हो तुम नजर के सहारे हो तुम। अपनी मुस्कुराहट को कभी बंद � read more >>
हां, ज़माना बदल रहा है। यह,समाज को छल रहा है। बच्चे, दादा-दादी के, सानिध्य में रहते थे। एक था राजा, एक थी रानी, किस्से सुनते थे। बहन, बेटी � read more >>
चिलचिलाती धूप में लू के थपेड़ों के बीच पसीने से तर -बतर चिथड़ों में लिपटी एक बूढ़ी -सीऔरत अपने दो बच्चों के साथ सड़क किनारे बैठी भीख � read more >>
तुझे चाहने की गुनाह ने, हमे बीच मझधार मे डुबोकर रख दी सभलना चाहे हम जब- जब, तब- तब तेरी यादों ने जकर ली ✍✍💓💓💓💓👌👌💯💯👏👏 read more >>
उम्र की सीमा नहीं ,है ,किस पार जाना,। कविता कहती है,सफर वहाँ तय हो, सन्नाटा रहित पनघट जिधर हो,। तब कहीं छलके भी तो ,यह आंखों का नीर , व्यर्थ read more >>
जिसने शुकून बनाया है। लोग उसे छोड़ कर एक पैसे के टुकरे में शुकून ढूंढ रहे हैं। read more >>
मैं खुद ही अपना वजूद हूं। लेकिन तेरे मोहब्बत के सिवा मेरा वजूद नहीं है। read more >>
मैं खुद अपना नही हो पाया तुम् को पाकर क्या उखाड़ लूंगा। read more >>
सब नियातों का खेल है शाहब क्योंकि जिनाह सिर्फ मोहब्बतों में देखाई देती है। read more >>
गरीब होन जुर्म नहीं है तो मोहब्बत अमीरों से क्यूं करते हो। read more >>
मां तेरे बारे में क्या लिखूं क्योंकि तेरे बिना मेरा वजूद ही नही है। read more >>
मैं बुरा ही सही हूं शाहब तुमने सही होकर क्या उखाड़ लिया है। read more >>
मांओं की मोहब्बत को ठोकर मार कर,किसी अजनबी के मोहब्बत का गुलाम बने हुए हो। read more >>
जिसे लोग जोकर समझ रहे है। उन्हें बता दूं ताश के 52 पत्तों में जोकर के बिना बादशाह का कोई वजूद नहीं ही। read more >>
अतीत को खुद से अलग रखो जो मिल रहा है जीवन में सबक रखो हर कोई यहां नसीहत सलाह का ज्ञानी है तुम बस ख़ुद पर ही अपनी नज़र रखो उजाले से तो म� read more >>
कविता का शीर्षक- वृक्ष हमारे सच्चे मित्र हे! मानव तुम मुझे मत काटो, बदन को टुकड़ों में मत बांटो। महसूस करता हूं दुःख दर्दों को, कोमल श� read more >>
चलो आज फिर एक नई शुरुआत करते हैं कुछ बातें हो गई है पुरानी आज हम मिलकर एक नई बात करते है जब कोई दिल दु:खाए उस दुःख को दूर करने की बात क� read more >>
शर्म करना छोड़ो शाहब अब हया भी किस के पास है।क्योंकि जब हया ही नही रहा तो शर्म क्या करेंगे। read more >>
कौन कहता है की लोग धर्म का घोल नही पी रखा है।क्योंकि यहां दान भी करते है तो धर्म देखा करते है। read more >>
हक बात बोल बेटा सच बोलने वाले लोग मर गए है। read more >>
मैं बुरा नही हूं साहब तुम्हारी नियत में जहर घोल रखा है। read more >>
मां मैं तुझे जिंदगी तो नही लौटा सकता हूं।लेकिन जबतक जिंदा रहूंगा तेरे लिए अपनी जिंदगी गिरवी रख दूंगा। read more >>
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