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अभिमान न कर, मत उलट-पुलट संसार अरे विध्वंस अरे मच जाएगा। आंखों में दीप जला दुर्दिन में काम आएगा है आज दंभ का पुतला रचना का मूल्य न समझ� read more >>
वो जो भटक रहा है इंसान कुछ ना करता काम जग मैं कहता है में हु मेहनती सिर्फ आलस का मारा है ईश्वर ने दिया शरीर है read more >>
शीर्षक (भारतीय सेना) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) मिटाने से भी हमारी हस्ती मिटती नहीं, समुंदर में भी हमारी कस्ती नही रूकती। ना विश्� read more >>
है मानव तुम बने ईर्ष्यालु तो जग का कैसे होगा कल्याण । पर कुछ होते है मानव जो ईर्ष्या भाव भी रखते है। जो दूसरे read more >>
जिया एक बहुत ही साधारण लड़की थी वह अपने लाइफ को बिल्कुल सादगी में जीना चाहती थी उसके अंदर दूसरे लड़की की तरह बिल्कुल श्रृंगार करने का � read more >>
जो खुदा के बंदे होते हैं ओ हर मुसीबत से दूर होते हैं। धन्यवाद read more >>
तू ही जान है मेरी ऐ जान ले तू तुझसे मेरी दुनियां शुरू तुझपे ही मेरी दुनियां खत्म ऐ पहचान ले तू। धन्यवाद read more >>
धूप और छांव जिंदगी के दो पहलू के रंग मां और बाप जिंदगी के हर कर्म के संग। धन्यवाद read more >>
देश के लिए मर मिटने की, बलिदानी राह दिखाता शिक्षक || प्रेम सरिता की बनकर धारा, नैया पार लगाता शिक्षक || झटकती है दुनिया हाथ कभी जब, तो झटप� read more >>
मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आंसु मुदतो माँ ने नहीं धोया दुपटा अपना अभी जिन्दा है मेरी माँ मुझे कुछ नहीं होगा लब्बो पर उसके कभी बद� read more >>
**मन* मन चंचल है तुम ये जानो मन की शक्ति को पहचानो । मन की गति का अंत नहीं है ये तुम अपने मन से जानो ।। मन की भाषा समझ सको तो मन से उसका अर read more >>
हैं मानव तुम शहर जाकर गांव को कैसे भुल गए तुम भुल गए वो वन और जंगल जहां पर तुम खेलते थे है मानव तुम भुल गए गांव की प्यारी मिट्टी को हैं � read more >>
हैं मानव तुम शहर जाकर गांव को कैसे भुल गए तुम भुल गए वो वन और जंगल जहां पर तुम खेलते थे है मानव तुम भुल गए गांव की प्यारी मिट्टी को हैं � read more >>
सद्व्यवहार ही अच्छे संस्कारों की पहचान होती है, पद कद में चाहे कितना भी बड़ा हो, लोग उसका सम्मान नहीं करते क्योंकि गुण है उसे सम्मान दि read more >>
सम्मान पैसों से नहीं कर्मों से मिलता है, संत भी भीखारी होकर भी सम्मान से जीता है। read more >>
● चन्द्रमणि माधव ● खण्ड प्रारम्भ हिम खण्डों में ज्यों श्वेत जमे, त्यों जमा समर में रणधारी। व्याकुल तुरीण में read more >>
नफरत में इतने न घिरे रहो कि अपनों की कदर करना भूल जाओ जब नफरत का घमंड टूटेगा इर्द - गिर्द अपना न नजर आयेगा। धन्यवाद read more >>
ट्रेंडिंग चल रहा है अखबार में अपना कैरेक्टर और इमेज लगाने की।लेकिन कोशिश कोई नहीं करता है इमेज और कैरेक्टर बना ने की। read more >>
तुम मोहब्बत की बात करते हो यहां लोग फकीर को देख कर मुंह फेर लेते है।लेकिन अगर मन्नत पूरी करनी होती है तो एक रुपया का चिल्लर दे कर लाख � read more >>
उसने मन्नत मांगी थी मेरी जिंदगी आबाद रहे लेकिन उसने ही मेरी जिंदगी को बोझ बना दी है। read more >>
जब औकात आ जाएगी तुम्हारे पास तो लोग खैरियत भी पूछेंगे और खैयाल भी रखेंगे।लेकिन जब औकात न होगी तो जैसे फकीर को देख कर मुंह फेर लेते है व read more >>
कविता- कविराज प्रिय से फुलवारी में मिलकर प्रेम की वर्षा, अद्भुत आनंद की अनुभूति करता रसराज। एकांत में किसी दिन डूब जाता गहरी सोच, शब� read more >>
खुदा के सिवा अब किसी से मोहब्बत नही है हमे।क्योंकि खुदा मेरी लाइफ है और मौत मेरी वाइफ है। read more >>
बद किस्मती देखो हमारी हम किसी और के इंतजार में ध्यान लगाए बैठे है।लेकिन इंतजार मेरी वक्त को काट कर मुझे मेरी मौत के करीब ले जा रही है। read more >>
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