जिन्दगी चलती है चलते रहो,
वक्त के साथ थोड़ा बदलते रहो ...
राह मुश्किल भी निकल जाएगी,
ठोकरें खा के भी थोड़ा संभलते रहो...
अंधेरा तो जुगनू स read more >>
इश्क ए इजहार हम क्या करें
रात की वीरांगी में घूमते हैं इधर - उधर
दिन के उंजाले में छिपते हैं इधर - उधर
क्या बताए क्या हाल हो गया है मेरा
म read more >>
नेहा शादी करके अपने ससुराल आ चुकी थी,सभी लोग नई बहू की स्वागत करने के लिए अफरा - तफरी मचाए थें ,पर उसके ससुर और सास एकांत एक जगह खड़े कुछ ब� read more >>
समसामयिक व्यंग रचना......
# नशा मुक्ति अभियान .....
कहीं कार्यक्रम था
नशा मुक्ति का
इसे छोड़ने की ,
अचूक युक्ति का .....!
मंच पर नेताजी ,
जनाब � read more >>