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दर्द तो होता है! मगर दवा नहीं आती!! शिकवे हैं  बहुत उससे! मुझे शिकायतें नहीं आती!! तकलीफ है, रूह है, ये उसकी! कम्बख्त मेरी जान भी नही read more >>
मानव कितना दीन हो गया बड़ा संवेदनहीन हो गया आगे बढ़ता जाता है मुड़कर नहीं देखता उसको जिस पर चढ़कर खेली आनंदो की होली। मानव कितना दी� read more >>
मानव कितना दीन हो गया बड़ा संवेदनहीन हो गया आगे बढ़ता जाता है मुड़कर नहीं देखता उसको जिस पर चढ़कर खेली आनंदो की होली। मानव कितना दी� read more >>
शहर से निकले कि वे शहर हो गए , घड़ी भर न संग ले बेखबर हो गए। अब तो पूछा किये किस गली में हो तुम, हर अंधेरे से बढ़कर रोशनी हो गए। शायद नहीं थ read more >>
देख मेरी बहना तेरी इज्जत ही तेरी जिस्मों का गहना है।उसे मोहब्बत करके एक गैर के लिए उस पे दाग मत लगाओ। read more >>
आजान होती रहती है किसी को कुछ फर्क नही पड़ता है किस लिए बोलाई जा रही है।लेकिन अगर जन्नत बांटने के लिए ऐलान करा दी जाए तो सबसे पहले लाइ� read more >>
अब उसे समझदार कहूं या बे बकूफ की जो जन्नत देने के लिए आजान देकर बुलाई जाति है फिर भी उसके तरफ कोई नही लौटता है।लेकिन अगर ऐलान कर दो की read more >>
मैं मोहब्बत करके आबाद नही हुआ हूं।बल्कि अपनी ही जिंदगी को बर्बाद करने के लिए रातों की नींद को उसे के पास गिरवी रख दी है। read more >>
हफ्ता में एक दिन 2 रीकात नमाज पढ़ने लिए लोग ऐसे घर से निकलते है जैसे उसने जन्नत खरीद ली है।बाकी का छह दिन बोनस के तौर पर पेंशन में मिला � read more >>
मोहब्बत और फोन दोनों का कैनेक्शन सेम है क्योंकि दोनो का प्रोब्लम वहां से बिगड़ता है जहां तक लोगों की नॉलेज नही होती है। read more >>
मेरा अपना कुछ भी नहीं है एक जिंदगी मिली है बो भी खोदा की दी हुई अमानत है। read more >>
कोई किसी का हमदर्द नही है यहां क्योंकि तुम खुद किसी के हमदर्द नही बन पाए तो लोग तुम्हारी हमदर्द क्यों करेंगे। read more >>
सिगरेट के तरह जिंदगी हो गई है जो धीरे धीरे कर जिंदगी खत्म हो रही है। read more >>
सब का सब एक दूसरे के खुदा बने हुए है। लेकिन खुद को खुदा कौन बनाएगा। read more >>
कविता- कलमकार मृत हुए जन दिल को जिंदा कर देता, लौकिक जीवन रंगमंच का जादूगर हूं। प्रबल निराशा में मैं आशा की किरण, प्रेरक और मार्गदर्श� read more >>
# सुप्रभात ..... यत्र - तत्र - सर्वत्र , व्याप्त यहां विज्ञान ...! तन , मन , प्राण , आत्मा , ये जीवन के चार आयाम ....! आओ जाने इसे हम , आखिर क्या है आत� read more >>
मीनू एक बड़ी ही चंचल लड़की थी उसका भाई रमेश उससे बहुत प्यार करता था वह जहां भी जाता अपनी बहन के लिए जरूर कुछ लाता।मीनू के मां - बाप नहीं थ read more >>
दुनियां में आए हो, तो कुछ करके जाना ऐ कहना आसान है पर ईमानदारी से दो पैसा कमाकर अपना नाम रोशन करना ऐ बहुत मुश्किल है धन्यव� read more >>
हम महफ़िल में यूं आ गए कि तन्हाई से फिर कभी मुलाकात न हो पाई झूठे शान - शौकत में यूं डूब गए कि गरीबी से फिर कभी मुलाकात न हो पाई। धन्य read more >>
लोग गिरी हुई चीज को उठा लेते है।लेकिन एक बार नजर झुक गई तो उठाने में जन्मों लग जाति है। read more >>
Mukammal ishq ke dastaan likhne nahi aate mhujko. Haan adhura hu mai....! tu chahe toh hath thamkr mukammal krde mhujee.. read more >>
*आज की प्रेरणादायक कहानी* *काश ! सभी समझे सत्य को...* ✍🏼राम राम जी🌹 *🌷मां-बाप के निरादर के लिए बहु ही नहीं, बेटा भी होता है जिम्मेदार🌷* प� read more >>
*आज की प्रेरक रसकथा✍🏻 प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......... करण सिंह 💐💐💐🙏🙏 *!! यार की यारी - ग्वारिया बाबा !!* पागलबाबा के कुँज में “ग्� read more >>
शीर्षक (गर्मी का मौसम) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) उफ़ ये गर्मी हाय ये गर्मी। उफ़ ये कैसी गर्मी है, चारों तरफ ही आग है, ये सब गर्मी का ही read more >>
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