क्यू आज मेरी अधूरी कहानी याद आने लगी है,जिसे मैने दिल से चाहा वही आज फिर सताने लगी है।आज मेरे स्वप्न रूपी मन में क्यू गुण गुनाने लगी है, � read more >>
नहीं मिले चाहे मोती लुटाओ, मिले तो टके की सेर।
किसे, कहां, कैसे मिलेगी, है ये मन का फेर।
एक दौलत की सेज पर, गोली खाकर सोता।
दूजा कांटों क� read more >>