कविता = (अखण्ड भारत )
हिंदी तब मातृभाषा कहलाएगी !
जब हिंदी घर-घर पूजी जाएगी !!
सरकारी महकमों में हिंदी !
जब लिखी बोली जाएगी !!
भाषाओं की तु� read more >>
# सुप्रभात....
जो चाय ,
सुड़क कर पीते ...!
जो दारु ,
जाम पे जाम ...!
छल्ले उड़ाते ,
कश लगाते हुए
जो लेते ,
प्रभु का नाम ...!
जो ना छोड़े
ये आदत ...!
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*🌳🦚 कहानी 🦚🌳
*💐💐 दूसरों से पहले खुद में बदलाव 💐💐* प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....... करण सिंह*
*दोस्तो दुनिया को बदलने से पहले खुद में � read more >>
लोग कहते हैं हमारे पास टाइम नहीं
हालचाल पूछने का , कुछ मोबाइल पर बिजी रहते हैं कोई ऑनलाइन पर, रिश्ते छूट रहे हैं,
कुछ बिजी रहते हैं नेट प� read more >>