दिनाकरन,,,,-28-11-2022
मै भरज करता हूँ कि बिगडै हुनऐ आषिको के लिएर
ऐ आषिको यह आज, कल की आषकी मत करो ऐ आषिको यह आज कल की आषकी मत करो अगर करनी है ! तो read more >>
दिनाकरन,,-28-11-2022
मैं अरज करता है।
अरे हम किसी के बेहकाएँ मैं आकर अपने घर का नास नहीं करते हैं!
अरे हम किसी के बेहकाएँ मैं आकर अपने घर का न� read more >>
सच कहना अपराध है,झूठों का है राज।
ऐसे में सच मत चले, बड़ा अजब है आज।।
सच कहना अपराध है, मिथ्या मुख पर बोल।
आदत यह है झूठ का, नहीं सत्य का � read more >>
सच्चे, भाने वाले, हितकर तथा अन्यों को क्षुब्ध न करने वाले वाक्य बोलना और वैदिक साहित्य का नियमित पारायण करना – यही वाणी की तपस्या है । read more >>
रात की चांदनी से में लड रहा हूँ,
दुनिया सारी सो रही है मै जग रहा हूँ,
रात की सर्द हवा मेरा ध्यान रखती है,
चांद की रोशनी जब मुझसे आकर मिलत� read more >>
दिल दुःख ही रहा जब कान ने यह सुना,
आंखो से पानी का झरना बहता रहा,
इंसान कैसे इतना राक्षस बन गया,
जिसे प्यार करा उसका कत्ल भी कर दिया ।।
र� read more >>
रो रहा है दिल मेरा आंखो से अश्रु की जल धारा बह रही है,
देखकर आज गौ-माता की यह हालत मुरली वाले तेरी याद आ रही है,
द्रापद में जो तेरी मुरली क� read more >>
दिनाक-(29-11-2022),,,,,,, शायार लेख-(मोहम्मद फैजान सिद्दीकी पिता- रईस अहमद सिद्दिकी) अगर जिन्दगी मैं कुछ बनके दिखाना हैं। मेरा भाई अगर जिंदग� read more >>
जब हम सफर पर निकले तो पता चला दुनिया में कई और भी हमसफर की तलाश में है ।
शराबी से पूछा तो पता चला जीवन का सार शराब में है ।
वैरागी के पास ग� read more >>
शुरुआती दौर में हमपे भी ये खुमार छाया था ।
हमारा दिल भी किसी पे आया था ।
धीरे धीरे प्यार का भूत मर गया ।
खुमार सर दर्द और बुखार बन गया ।😃� read more >>