शीर्षक (कुछ कमी सी है।)
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर)
तू नही है पास मेरे कुछ कमी सी है।
तेरे ना आने से आँखो में कुछ नमी सी है।
इस दिल में read more >>
" दिनांक (01/12/2022)"
शायरी (मोहम्मद कि गुलामी अच्छी हैं ?)"
शायार लेख, मोहम्मद फैजान सिद्दिकी) पिता (रईस अहमद सिद्दिकी)
इस दुनिया के लोग read more >>
एक पिता भले ही न जताए
कि उसे किसी के सपोर्ट की जरुरत नहीं है
पर एक उम्र आता है जब उनके कन्धे झूक जाते है
और , ये वही पल होता है जब उन्हें स� read more >>