अटूट विश्वास
*रात के ढाई बजे थे, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी । वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था। पर चैन नहीं पड़ रहा था । आखिर थक कर read more >>
"घर का सम्मान.....
चालीस पार मोहन ने आखिर अपने आँफिस की सहकर्मी सुधा से शादी कर ही ली....सुधा जहां एक अनाथ लडकी थी अपने चाचा चाची के पास पली ब� read more >>
बचपन की पढ़ाई
कितने याद आते हैं वह बीते हुए दिन नादान थे समझ नहीं था मासूम थे किसी के लिए जलन भावना नहीं था बस खुशियां बहुत थी गम कुछ भी � read more >>
कसम
खाओ तो विद्या माता की कसम....
हो सकता है हम में से किसी ने कान्वेंट में पढ़ा हो, किसी ने विद्या मंदिर में या मेरी तरह सरकारी स्कूल मे� read more >>
पिता ने बेटे से कहा, "तुमने बहुत अच्छे नंबरों से ग्रेजुएशन पूरी की है। अब क्यूंकि तुम नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रहे हो , मैं तुमको यह का read more >>
कटु सत्य
आज मै ऐसे पोस्ट डाल रहा हूँ बड़ी कटु है पर सत्य है
हाँ बहुतो को पसंद न आए पर दो मिनट देकर पढ़ कर सोचना, बेटा, बहू की बहुतों कहानी � read more >>
एक औरत
एक औरत की कमी तब अखरती है
जब वो चली जाती है,
और वापस लौट कर नहीं आती
छत पर लगे जाले व आँगन की धूल
हटाने में संकोच आता है।
" तुम्हार read more >>