ऐ बसंती पवन तू क्यू बार बार उसकी खुस्बू की बहार लेकर आती है , क्या तुझे पता नहीं है कि अब मै उस खुसबू को भूलने की कोशिश कर रहा हूं , तू क्यू read more >>
फ़टे मटमले कपड़े उनके, तन का वस्त्र भी है ना इनके
दिन-रात का ना ठिकाना, ठीक से हो ना खाना-पाना
बच्चे के लिए वो अड़ जाता, रिक्शे पे जिंदगी सड़ ज read more >>
खेल खेल मे कूद गा भईया, टूट गा चारपाई भईया
देखा ज़ब मै ज़ब उसको यार, खत्म हुआ सारा प्यार
नोच नोच के रख दिया यारा, बुरा हुआ सब कुछ मेरा यारा
न read more >>
युग- युग ने यह गीत गाया, अत्याचारी कभी बच नहीं पाया ।
जिस ने किया अत्याचार उसको पड़ी समय की मार ,समय कभी राम बनके आए ,ना माने अत्याचारी पु read more >>
माना कि जिंदगी कभी-कभी बहुत इम्तहान लेती है,
पर कुछ अच्छे के लिए आगे वो तैयार भी तो करती है,
जीवन में कुछ पल के दुख के लिए क्या हम वो सार� read more >>
नहीं चुभता है,क ईबार बेगाने से,
चलो हम डूब गए, किसी बहाने से।
संग था,अपनापन था, जिन्दगी आसान थी,
घिरे मझधार में ,नही बुलाने से।
चलें जिस भ read more >>