शुक्र है !मैंने तुम पर ऐतबार न की!
समय रहते ही खुद को! संभाल लिया !
जिंदगी तबाह न की !
जिस दिन से तुमको चाहा किसी
और की चाह न की?
न जाने !
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पिता के बाद नाम आए भाई का
बहन कि हर ख्वाहिश पुरा करे भाई
बहन रोने पर डॉंट लगाए उसे
जिससे रोईं हो बहना ,
हाँ हाँ वो हिरो हि होता,
है भाई अ� read more >>
किसी को पता ही नहीं जाना कहां है और कहां जा रहे हैं... "धरमा"
इतनी भीड़ है शहर में खो जाने का डर लगा रहता है
इसलिए तो मैंने जंजीर बांध ली खु read more >>
बेटियाँ...
बाबुल के घर से चली जाती है...
ये बेटियाँ बहुत सताती हैं...
फिर कहाँ लौट करके आती है...
ये बेटियाँ बहुत सताती है...
लोरियां गा के म� read more >>